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RBI MPC: आज रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी के नतीजों का दिन है. आरबीआई के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा सुबह 10 बजे बैठक के नतीजों का ऐलान करेंगे. ज्यादातर लोगों को उम्मीद है कि इस बार नए गवर्नर ब्याज दरों को घटा सकते हैं. RBI पॉलिसी को लेकर Zee Business के Mega Poll में इस बार एक्सपर्ट्स 0.25% तक रेपो रेट (Repo Rate) में कटौती की उम्मीद कर रहे हैं. अगर ऐसा होता है तो आम लोगों को बड़ी राहत मिल जाएगी क्योंकि इससे लोन की EMI का बोझ कम हो जाएगा. आइए देखते हैं इस बार की RBI Policy को लेकर क्या है एक्सपर्ट्स का अनुमान.
A) कोई कटौती नहीं – 20%
B) 0.25% कटौती – 80%
C) 0.50% कटौती – 0%
A) हां – 80%
B) नहीं – 20%
A) हां – 60%
B) नहीं – 40%
A) हां – 60%
B) नहीं – 40%
तरलता (Liquidity)
LCR (Liquidity Coverage Ratio) के नियमों पर दिशा-निर्देश
असुरक्षित लोन (Unsecured Loan) पर टिप्पणी
बता दें कि रेपो रेट कम या ज्यादा होने का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है क्योंकि इससे उसकी लोन की EMI घटती-बढ़ती है. दरअसल रेपो रेट वो ब्याज दर होती है, जिसपर बैंकों को आरबीआई लोन देता है. अगर रेपो रेट बढ़ता है तो दूसरे बैंकों को आरबीआई से कर्ज महंगी दर पर मिलने लगता है और बैंक आम ग्राहकों के लिए भी लोन महंगा कर देते हैं. वहीं जब रेपो रेट घटता है तो बैंक, आरबीआई से कम ब्याज दर पर कर्ज लेते हैं. ऐसे में वो आम ग्राहकों को भी राहत दे देते हैं और उनके लोन की ब्याज दर को कम कर देते हैं. इससे ईएमआई का बोझ भी घट जाता है. बता दें कि RBI ने फरवरी 2023 से रेपो रेट को 6.5 प्रतिशत पर अनचेंज रखा है.