1 अक्टूबर से बदल जाएगा आपके डिजिटल पेमेंट का तरीका! ट्रांजैक्शन को लेकर RBI ने जारी की नई गाइडलाइंस

RBI authentication guidelines 2025: RBI ने डिजिटल पेमेंट्स के लिए नए Authentication Mechanisms जारी किए हैं. 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले इन नियमों में OTP जारी रहेगा.
1 अक्टूबर से बदल जाएगा आपके डिजिटल पेमेंट का तरीका! ट्रांजैक्शन को लेकर RBI ने जारी की नई गाइडलाइंस

RBI authentication guidelines 2025: डिजिटल पेमेंट्स लगातार बढ़ रहे हैं और इसके साथ ही बढ़ रहा है धोखाधड़ी का खतरा भी. ऐसे में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. RBI ने आज “Authentication Mechanisms for Digital Payment Transactions Directions, 2025” जारी किए हैं. ये नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे.

कब और क्यों बनाए गए ये नियम?

RBI ने 31 जुलाई 2024 को डिजिटल पेमेंट्स में Alternative Authentication Mechanisms पर ड्राफ्ट जारी किया था और 7 फरवरी 2025 को Cross-Border Card Not Present (CNP) Transactions में Additional Factor of Authentication (AFA) लाने का प्रस्ताव रखा था. इन ड्राफ्ट पर जनता और स्टेकहोल्डर्स से फीडबैक मांगा गया. अब इन सुझावों को शामिल करते हुए RBI ने अंतिम नियम जारी कर दिए हैं.

नए नियमों की मुख्य बातें

1. नए ऑथेंटिकेशन फैक्टर को बढ़ावा

RBI ने कहा है कि अब टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए नए सुरक्षा कारक (Authentication Factors) लाए जा सकते हैं. हालांकि, SMS आधारित OTP (One-Time Password) अभी भी मान्य रहेगा और इसे खत्म नहीं किया जाएगा.

2. मिनिमम 2FA के साथ अतिरिक्त Risk-Based Checks

बैंकों और कार्ड जारी करने वाली कंपनियों को कम से कम 2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) का पालन करना होगा. इसके अलावा, अगर किसी ट्रांजैक्शन में धोखाधड़ी का खतरा ज्यादा लगे तो अतिरिक्त सुरक्षा जांच भी की जा सकेगी.

3. Interoperability और Open Access

नए फ्रेमवर्क में तकनीक को इंटरऑपरेबल और ओपन एक्सेस बनाने पर जोर दिया गया है ताकि सभी पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स इसका इस्तेमाल कर सकें.

4. तय हो जिम्मेदारी

कार्ड और पेमेंट जारी करने वाली कंपनियों की जिम्मेदारी साफ-साफ तय की गई है ताकि धोखाधड़ी या विवाद की स्थिति में ग्राहक को नुकसान न उठाना पड़े.

5. क्रॉस बॉर्डर ट्रांजैक्शन पर सख्ती

अब कार्ड जारी करने वालों को नॉन-रिकरिंग क्रॉस-बॉर्डर CNP ट्रांजैक्शंस में AFA को अनिवार्य करना होगा, अगर ऐसी मांग विदेश के व्यापारी या एक्वायरर की तरफ से आती है.

ग्राहकों के लिए क्या बदलने वाला है?

घरेलू ट्रांजैक्शन के लिए अभी भी OTP + PIN या बायोमेट्रिक जैसी मौजूदा प्रक्रिया लागू रहेगी. लेकिन अगर आप विदेश से कोई ऑनलाइन पेमेंट करेंगे तो अब अतिरिक्त Authentication Factor लग सकता है. बैंकों और कार्ड कंपनियों को धोखाधड़ी की संभावना देखते हुए अतिरिक्त सिक्योरिटी चेक करने की आज़ादी मिलेगी. इससे धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के मामलों में कमी आने की उम्मीद है.

कब से लागू होंगे नए नियम?

RBI ने कहा है कि इन नए नियमों को 1 अप्रैल 2026 से लागू करना अनिवार्य होगा. यानी बैंकों और पेमेंट कंपनियों के पास सिस्टम अपग्रेड और टेक्नोलॉजी लागू करने के लिए लगभग एक साल का समय है.

FAQs

Q1. क्या SMS आधारित OTP खत्म हो जाएगा?

नहीं, RBI ने साफ कहा है कि OTP अभी भी मान्य रहेगा और इसे बंद नहीं किया जाएगा.

Q2. नए Authentication Mechanisms क्या होंगे?

बैंकों को बायोमेट्रिक, AI आधारित रिस्क एनालिसिस और नए टेक्नोलॉजी आधारित सुरक्षा कारक अपनाने की छूट दी गई है.

Q3. Cross-Border Transaction में क्या बदलाव आएगा?

अगर आप विदेश से ऑनलाइन कार्ड पेमेंट करेंगे तो अब अतिरिक्त Authentication Factor जरूरी हो सकता है.

Q4. क्या ये नियम तुरंत लागू होंगे?

नहीं, ये नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे.

Q5. ग्राहकों को क्या फायदा होगा?

नए नियमों से ऑनलाइन पेमेंट्स ज्यादा सुरक्षित होंगे और धोखाधड़ी की संभावना कम होगी.

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