आपका भी इस बैंक में अकाउंट है? RBI ने कैश निकालने पर लगाई रोक, अब सिर्फ निकाल सकेंगे इतनी रकम

आरबीआई के मुताबिक, मोगावीरा सहकारी बैंक पर लगाई गई ये पाबंदियां शुक्रवार को कारोबार बंद होने के बाद से ही लागू हो गई हैं. फिलहाल यह रोक अगले 6 महीने की अवधि के लिए प्रभावी रहेगी, हालांकि रिजर्व बैंक समय-समय पर इसकी समीक्षा भी करेगा.
आपका भी इस बैंक में अकाउंट है? RBI ने कैश निकालने पर लगाई रोक, अब सिर्फ निकाल सकेंगे इतनी रकम

सहकारी बैंक अब कोई भी लोन और उधार को मंजूर नहीं दे सकेगा.  (प्रतीकात्मक फोटो: AI/Chatgpt)

अगर आपका भी इस सहकारी बैंक में खाता है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बड़े फैसले के तहत मुंबई के मोगावीरा सहकारी बैंक (Mogaveera Co-operative Bank) पर कई तरह की सख्त पाबंदियां लगा दी हैं. इस कार्रवाई के बाद अब बैंक के ग्राहक अपने खातों से एक सीमित राशि ही निकाल सकेंगे. आरबीआई ने यह कदम बैंक की लगातार बिगड़ती वित्तीय स्थिति को देखते हुए उठाया है.

RBI द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, मोगावीरा सहकारी बैंक पर लगाई गई ये पाबंदियां शुक्रवार को कारोबार बंद होने के बाद से ही लागू हो गई हैं. फिलहाल यह रोक अगले 6 महीने की अवधि के लिए प्रभावी रहेगी, हालांकि रिजर्व बैंक समय-समय पर इसकी समीक्षा भी करेगा.

ग्राहकों पर क्या होगा असर?

आरबीआई के निर्देशों के मुताबिक, बैंक की मौजूदा नकदी की स्थिति को देखते हुए सेविंग्स, करंट किसी भी अन्य खाते से एक जमाकर्ता अधिकतम ₹1,000,000 तक ही निकाल सकेगा.

बैंक के इन कामों पर भी लगी पूरी तरह रोक

आरबीआई ने मोगावीरा को-ऑपरेटिव बैंक के रोजमर्रा के कामकाज को लेकर बेहद कड़े निर्देश जारी किए हैं. पाबंदी के इस दौर में बैंक ये काम नहीं कर पाएगा-

  • लोन देने पर रोक- बैंक अब किसी भी नए लोन या उधार को मंजूरी नहीं दे सकेगा.
  • लोन रिन्यूअल बंद- ग्राहकों के मौजूदा लोन खातों का रिन्यूअल भी नहीं किया जा सकेगा.
  • नया निवेश नहीं- बैंक किसी भी तरह का नया निवेश नहीं कर पाएगा.
  • नई लायबिलिटी पर रोक- बैंक न तो नई देनदारी ले सकेगा, न नया उधार ले सकेगा और न ही नए डिपॉजिट स्वीकार कर सकेगा.

RBI को क्यों उठाना पड़ा यह सख्त कदम?

आरबीआई ने साफ किया है कि वह इस सहकारी बैंक की वित्तीय सेहत को सुधारने के लिए काफी समय से प्रयास कर रहा था. केंद्रीय बैंक लगातार मोगावीरा सहकारी बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और सीनियर मैनेजमेंट के साथ संपर्क में था.

बयान में कहा गया, निगरानी से जुड़ी चिंताओं को दूर करने और जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के लिए बैंक प्रबंधन की ओर से कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए. इसी लापरवाही और विफलता के कारण रिजर्व बैंक को ग्राहकों के पैसे सुरक्षित रखने के लिए यह कड़ा निर्देश जारी करना आवश्यक हो गया.

Mogaveera Co-operative Bank

क्या रद्द होगा बैंक का लाइसेंस?

केंद्रीय बैंक के मुताबिक, इन पाबंदियों को बैंक का लाइसेंस रद्द करने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. यह कार्रवाई केवल बैंक की वित्तीय स्थिति को और खराब होने से रोकने के लिए एक सुधारात्मक कदम के रूप में की गई है. जैसे ही बैंक की वित्तीय स्थिति में सुधार होगा या आरबीआई की चिंताओं का समाधान होगा, इन पाबंदियों की समीक्षा की जा सकती है.

खाताधारकों का कितना पैसा सुरक्षित है?

बैंक पर पाबंदी लगने के बाद अक्सर ग्राहकों में घबराहट पैदा हो जाती है कि उनका पैसा डूब तो नहीं जाएगा, लेकिन इस मामले में जमाकर्ताओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर है. डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन' (DICGC) एक्ट, 1961 के नियमों के तहत, इस बैंक के पात्र जमाकर्ता ₹5,00,000 तक का क्लेम पाने के हकदार हैं.

अगर किसी जमाकर्ता का कुल डिपॉजिट 5 लाख रुपये तक है, तो वह पूरी राशि DICGC से क्लेम कर सकता है. इसके लिए संबंधित जमाकर्ता को अपनी सहमति देनी होगी, जिसके वेरिफिकेशन के बाद क्लेम राशि दी जाएगी. खाताधारक इस प्रक्रिया और अपने दावों की अधिक जानकारी के लिए सीधे बैंक अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं.

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