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3 सरकारी बैंकों पर RBI का भारी जुर्माना. (File Image)
सरकारी बैंकों को बैंकिंग नियमों की अनदेखी करना भारी पड़ा. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कुछ निर्देशों का पालन न करने के लिए पर शिकंजा कसते हुए 3 बड़े सरकारी बैंकों पर भारी जुर्माना लगाया गया है. इसके अलावा, एक दिग्गज फिनटेक कंपनी पाइन लैब्स (Pine Labs) पर जुर्माना लगाया है.
इस कार्रवाई में सबसे ज्यादा जुर्माना यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bnak of INdia) पर लगाया गया है, जिसे ग्राहकों की शिकायतों के निपटारे में कोताही बरतने का दोषी पाया गया.
| यूनियन बैंक ऑफ इंडिया | 95.40 लाख |
| सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया | 63.60 लाख |
| बैंक ऑफ इंडिया | 58.50 लाख |
| पाइन लैब्स | 3.10 लाख |
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1. Union Bank of India- ग्राहकों की अनदेखी
2. सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया- डुप्लीकेट खाते
3. बैंक ऑफ इंडिया- शुल्क और ब्याज में चूक
4. पाइन लैब्स- अधूरी पहचान
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RBI ने स्पष्ट किया है कि यह जुर्माना बैंक की प्रक्रियात्मक कमियों पर है, ग्राहकों खाते में जमा राशि और उस पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह सुरक्षित है.
आरबीआई की इस कार्रवाई से साफ संदेश है कि बैंकिंग नियमों में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी. सरकारी बैंकों पर जुर्माना यह दिखाता है कि ग्राहक हितों की अनदेखी करना महंगा पड़ सकता है. कुल मिलाकर, यह कदम बैंकिंग सिस्टम में भरोसा मजबूत करने और ग्राहकों की सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
Live TV
Q1. जुर्माना किसने लगाया?
भारतीय रिजर्व बैंक ने.
Q2. सबसे ज्यादा जुर्माना किस पर लगा?
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया पर ₹95.40 लाख.
Q3. मुख्य वजह क्या थी?
ग्राहक शिकायतों में लापरवाही और नियमों का उल्लंघन।
Q4. अन्य किन पर कार्रवाई हुई?
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया और पाइन लैब्स.
Q5. ग्राहकों को क्या फायदा?
शिकायतों का तेजी से समाधान और पैसे की सुरक्षा बेहतर होगी.
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