सावधान! क्या आपका खाता भी इन सरकारी बैंकों में है? ग्राहकों के पैसे और KYC में लापरवाही पर RBI ने लगाया भारी जुर्माना

इस कार्रवाई में सबसे ज्यादा जुर्माना यूनियन बैंक ऑफ इंडिया पर लगाया गया है, जिसे ग्राहकों की शिकायतों के निपटारे में कोताही बरतने का दोषी पाया गया.
सावधान! क्या आपका खाता भी इन सरकारी बैंकों में है? ग्राहकों के पैसे और KYC में लापरवाही पर RBI ने लगाया भारी जुर्माना

3 सरकारी बैंकों पर RBI का भारी जुर्माना. (File Image)

सरकारी बैंकों को बैंकिंग नियमों की अनदेखी करना भारी पड़ा. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कुछ निर्देशों का पालन न करने के लिए पर शिकंजा कसते हुए 3 बड़े सरकारी बैंकों पर भारी जुर्माना लगाया गया है. इसके अलावा, एक दिग्गज फिनटेक कंपनी पाइन लैब्स (Pine Labs) पर जुर्माना लगाया है.

इस कार्रवाई में सबसे ज्यादा जुर्माना यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bnak of INdia) पर लगाया गया है, जिसे ग्राहकों की शिकायतों के निपटारे में कोताही बरतने का दोषी पाया गया.

किस पर कितनी गिरी गाज?

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रिजर्व बैंक के मुताबिक,

  • यूनियन बैंक ऑफ इंडिया पर 95.40 लाख रुपये
  • सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पर 63.60 लाख रुपये
  • बैंक ऑफ इंडिया पर 58.50 लाख रुपये
  • पाइन लैब्स पर 3.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया95.40 लाख
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया63.60 लाख
बैंक ऑफ इंडिया58.50 लाख
पाइन लैब्स 3.10 लाख

आखिर क्यों लगा जुर्माना?

1. Union Bank of India- ग्राहकों की अनदेखी

  • यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के मामले में ग्राहक द्वारा अधिसूचना की तारीख से 10 वर्किंग डे के भीतर अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन में शामिल राशि को कुछ ग्राहकों के खातों में जमा नहीं किया गया था.
  • साथ ही ग्राहकों को अनधिकृत बैंकिंग लेनदेन की रिपोर्ट करने के लिए 24 घंटे सुविधा प्रदान नहीं की गयी और कुछ KCC खातों में सिस्टम-आधारित परिसंपत्ति वर्गीकरण प्रक्रिया में ‘मैन्युअल’ हस्तक्षेप का सहारा लिया गया था.

2. सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया- डुप्लीकेट खाते

  • सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) के मामले में, जुर्माना इसलिए लगाया गया क्योंकि बैंक निर्धारित समय सीमा के भीतर कुछ ग्राहकों के KYC रिकॉर्ड को केन्द्रीय केवाईसी रिकॉर्ड्स रजिस्ट्री पर अपलोड करने में विफल रहा.
  • कुछ ग्राहकों के अतिरिक्त बीएसबीडी (BSBD) खाते खोले, जिनके पास पहले से ही बैंक में बीएसबीडी खाते थे.

3. बैंक ऑफ इंडिया- शुल्क और ब्याज में चूक

  • बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) ने प्रायोरिटी सेक्टर के लोन खातों में गलत तरीके से सर्विस और प्रोसेसिंग चार्ज वसूले.
  • साथ ही, कुछ फिक्स्ड डिपॉजिट (TDR) के मैच्योर होने और उनके भुगतान की तारीख के बीच की अवधि पर ग्राहकों को ब्याज का भुगतान नहीं किया गया.

4. पाइन लैब्स- अधूरी पहचान

  • केंद्रीय बैंक ने कहा कि पाइन लैब्स ने प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (PPI) धारकों के ‘अपने ग्राहक को जाने’ (KYC) को पूरा किए बिना कई फुल-KYC पीपीआई जारी किए, जिसके कारण जुर्माना लगाया गया.

आपके पैसों पर क्या होगा असर?

RBI ने स्पष्ट किया है कि यह जुर्माना बैंक की प्रक्रियात्मक कमियों पर है, ग्राहकों खाते में जमा राशि और उस पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह सुरक्षित है.

आम ग्राहकों के लिए क्या मतलब है?

  • बैंक अब शिकायतों के निपटारे में ज्यादा सतर्क रहेंगे
  • अनधिकृत ट्रांजेक्शन पर समय पर पैसा वापस मिलने की संभावना बढ़ेगी
  • KYC और अन्य प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी

कंक्लूजन

आरबीआई की इस कार्रवाई से साफ संदेश है कि बैंकिंग नियमों में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी. सरकारी बैंकों पर जुर्माना यह दिखाता है कि ग्राहक हितों की अनदेखी करना महंगा पड़ सकता है. कुल मिलाकर, यह कदम बैंकिंग सिस्टम में भरोसा मजबूत करने और ग्राहकों की सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है.

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1. जुर्माना किसने लगाया?
भारतीय रिजर्व बैंक ने.

Q2. सबसे ज्यादा जुर्माना किस पर लगा?
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया पर ₹95.40 लाख.

Q3. मुख्य वजह क्या थी?
ग्राहक शिकायतों में लापरवाही और नियमों का उल्लंघन।

Q4. अन्य किन पर कार्रवाई हुई?
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया और पाइन लैब्स.

Q5. ग्राहकों को क्या फायदा?
शिकायतों का तेजी से समाधान और पैसे की सुरक्षा बेहतर होगी.

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