UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं - RBI गवर्नर मल्होत्रा

रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एकबार फिर से साफ किया कि फिलहाल UPI ट्रांजैक्शन पर किसी तरह का चार्ज लगाने का विचार नहीं है. बता दें कि सितंबर में UPI ट्रांजैक्शन की संख्या सालाना आधार पर 31% बढ़कर 19.63 बिलियन हो गई.
UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं - RBI गवर्नर मल्होत्रा

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने बुधवार को दोहराया कि यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) से होने वाले ट्रांजैक्शन पर शुल्क लगाने का फिलहाल केंद्रीय बैंक का कोई प्रस्ताव नहीं है. आरबीआई गवर्नर ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद अपने संबोधन में UPI ट्रांजैक्शन को लेकर स्पष्टीकरण दिया. आरबीआई गवर्नर मल्होत्रा ​​ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि UPI हमेशा मुफ्त रहेगा, लेकिन उन्होंने कहा था कि UPI के कामकाज से जुड़े खर्चों को किसी को तो वहन करने की जरूरत होगी.

सितंबर में 19.63 बिलियन UPI ट्रांजैक्शन

आरबीआई गवर्नर ने कहा, "मैंने कहा था कि UPI ट्रांजैक्शन से जुड़े कुछ खर्च होते हैं और उन्हें किसी न किसी को वहन करना होगा."
उन्होंने पिछली नीतिगत बैठकों के बाद भी UPI ट्रांजैक्शन को लेकर स्पष्टीकरण दिया था. नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के लेटेस्ट डेटा के अनुसार, बीते महीने सितंबर में UPI ट्रांजैक्शन की संख्या बढ़कर 19.63 बिलियन हो गई, जिसमें सालाना आधार पर 31 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई.

सितंबर में करीब 25 लाख करोड़ का UPI ट्रांजैक्शन

ट्रांजैक्शन अमाउंट की बात करें तो यह बीते महीने सितंबर में 21 फीसदी की सालाना वृद्धि के साथ बढ़कर 24.90 लाख करोड़ हो गया. मासिक आधार पर भी ट्रांजैक्शन अमाउंट को लेकर वृद्धि दर्ज की गई है, जो कि अगस्त में 24.85 लाख करोड़ रुपए दर्ज की गई थी. NPCI के डेटा के अनुसार, एवरेज डेली ट्रांजैक्शन काउंट 654 मिलियन और एवरेज डेली ट्रांजैक्शन अमाउंट 82,991 करोड़ रुपए हो गया है. इससे पहले बीते महीने अगस्त में एवरेज डेली ट्रांजैक्शन काउंट 645 मिलियन और एवरेज डेली ट्रांजैक्शन अमाउंट 80,177 करोड़ रुपए दर्ज किया गया था. अगस्त में UPI ट्रांजैक्शन पहली बार 20 बिलियन के पार हो गए थे. इससे पहले 2 अगस्त को UPI ने एक दिन में 700 मिलियन ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड बनाया था.

रेपो रेट 5.50% पर बरकरार रखा गया

इस बीच, आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट को 5.5 फीसदी पर अपरिवर्तित रखने और न्यूट्रल नीतिगत रुख बनाए रखने का फैसला किया है. न्यूट्रल रुख से वृद्धि को नुकसान पहुंचाए बिना महंगाई को नियंत्रित करने के बीच एक संतुलन बनता है, इसलिए इसमें न तो प्रोत्साहन की आवश्यकता होती है और न ही लिक्विडिटी पर कोई प्रतिबंध लगता है.

महंगाई का अनुमान घटाया गया

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि खाद्य कीमतों में भारी गिरावट और जीएसटी रेट में कटौती से महंगाई का अनुमान बेहतर हुआ है. इसके परिणामस्वरूप, आरबीआई ने 2025-2026 के लिए औसत महंगाई दर के अपने अनुमान को 3.1 फीसदी से घटाकर 2.6 फीसदी कर दिया है.

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