बैंक खोलने के नियमों पर RBI का बड़ा फैसला, नए लाइसेंस के लिए अब इस कमेटी से लेनी होगी मंजूरी

RBI new Bank License: आरबीआई ने नए यूनिवर्सल बैंकों और स्मॉल फाइनेंस बैंकों के लाइसेंस के एप्लिकेशन की जांच करने के लिए स्थायी बाहरी सलाहकार समिति (SEAC) का पुनर्गठन किया है.
बैंक खोलने के नियमों पर RBI का बड़ा फैसला, नए लाइसेंस के लिए अब इस कमेटी से लेनी होगी मंजूरी

RBI new Bank License: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने सोमवार को यूनिवर्सल बैंकों और स्मॉल फाइनेंस बैंकों के लिए आवेदन की जांच करने के उद्देश्य से स्थायी बाहरी सलाहकार समिति (SEAC) का पुनर्गठन किया. पांच सदस्यीय इस पैनल की अध्यक्षता एम.के. जैन, जो भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर हैं, करेंगे.

ये कमेटी करेगी एप्लिकेशन का मूल्यांकन

लाइसेंसिंग गाइडलाइन्स के अनुसार, यूनिवर्सल बैंकों और स्मॉल फाइनेंस बैंकों के लिए आवेदन सबसे पहले RBI द्वारा प्रारंभिक पात्रता की जांच के लिए देखे जाते हैं. इसके बाद, SEAC, जिसमें बैंकिंग, वित्तीय क्षेत्र और अन्य संबंधित क्षेत्रों के अनुभवी विशेषज्ञ होते हैं, इन आवेदनों का मूल्यांकन करती है.

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ये हैं पैनल के मेंबर्स

  • रेवती अय्यर (डायरेक्टर, सेंट्रल बोर्ड, RBI)
  • पार्वती वी सुंदरम (पूर्व कार्यकारी निदेशक, RBI)
  • हेमंत जी ठेकेदार (पूर्व एमडी, SBI और पूर्व चेयरमैन, PFRDA)
  • एन एस कन्नन (पूर्व एमडी और सीईओ, ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी)

3 साल का होगा कार्यकाल

RBI के अनुसार, इस पैनल का कार्यकाल तीन साल का होगा. समिति को सचिवीय सहायता RBI के डिपार्टमेंट ऑफ रेगुलेशन द्वारा दी जाएगी. इससे पहले, SEAC की अध्यक्षता श्यामला गोपीनाथ, जो RBI की पूर्व डिप्टी गवर्नर थीं, ने की थी. रेवती अय्यर और हेमंत जी ठेकेदार पिछली SEAC के भी सदस्य थे.

प्राइवेट सेक्टर में यूनिवर्सल बैंकों के लिए 'ऑन टैप' लाइसेंसिंग की गाइडलाइन्स अगस्त 2016 में और स्मॉल फाइनेंस बैंकों के लिए दिसंबर 2019 में जारी की गई थीं.

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