&format=webp&quality=medium)
RBI ने नियमों में 3 महीने की ढील दी. (File Image)
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) कैपिटल मार्केट एक्सपोजर से जुड़े नियमों को 3 महीने के लिए टाल दिया है. अब नियम 1 जुलाई 2026 से लागू होंगे. साथ ही, कैपिटल रखने के नियमों में ढील देकर बैंकों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने की कोशिश की गई है. बैंकों और इंडस्ट्री की मांग पर RBI ने यह फैसला लिया है.
ज़ी बिजनेस की स्पेशल कॉरेस्पोंडेंट एकता सूरी के मुताबिक शेयर के बदले ₹1 करोड़ लोन, IPO/FPO/ESOP के लिए ₹25 लाख. लिमिट अब पूरे बैंकिंग सिस्टम स्तर पर लागू होंगे. CMIs के प्रॉपिरेट्री ट्रेडिंग के लिए 100% कैश कोलैटरल जरूरी होंगे. मार्केट मेकर्स को राहत मिली और पाबंदी हटी. कुछ MF इंट्राडे फंडिंग को CME में नहीं गिना जाएगा.
RBI ने यह फैसला क्यों लिया?
RBI चाहता है कि बैंक बिना ज्यादा दबाव के धीरे-धीरे नए नियम अपनाएं.
1. नियम लागू होने की तारीख बढ़ी
2. कैपिटल की गणना में राहत
3. रिस्क वेट तय
| डीटेल | |
|---|---|
| रेगुलेटर | RBI |
| नया लागू समय | 1 जुलाई 2026 |
| राहत | आंशिक कैपिटल जरूरी |
| रिस्क वेट | 125% |
| फोकस | बैंकिंग सिस्टम स्थिरता |
खासतौर पर उन बैंकों को राहत, जो स्टॉक एक्सचेंज क्लियरिंग कॉरपोरेशंस को पेमेंट कमिटमेंट देते हैं.
ये भी जरूर पढ़ें- RBI ने जारी की रिपोर्ट, बताया किसने लिया कितना Loan, सर्विसेज और इंडस्ट्री सेक्टर में जबरदस्त उछाल!
फायदा
नुकसान
ये भी जरूर पढ़ें- Bank Account Portability: RBI बना रहा नया नियम, मोबाइल नंबर की तरह पोर्ट होगा बैंक अकाउंट, न नंबर बदलेगा, न रुकेगी EMI

RBI का यह कदम बैंकिंग सिस्टम को झटके से बचाने और धीरे-धीरे सख्त नियम लागू करने की रणनीति का हिस्सा है. इससे बैंकों को राहत मिलेगी और बाजार में स्थिरता बनी रहेगी, जबकि लंबे समय में जोखिम प्रबंधन भी मजबूत होगा.
Live TV
Q1. RBI ने क्या फैसला लिया है?
कैपिटल मार्केट एक्सपोजर नियम 3 महीने के लिए टाल दिए.
Q2. नए नियम कब लागू होंगे?
1 जुलाई 2026 से
Q3. बैंकों को क्या राहत मिली?
अब सिर्फ एक्सपोजर के एक हिस्से पर ही कैपिटल रखना होगा.
Q4. रिस्क वेट कितना है?
125% तय किया गया है.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)