मेगा डिविडेंड का ऐलान! RBI ने खोला खजाना, सरकार को दिया ₹2.87 लाख करोड़ का Dividend

RBI Dividend: RBI ने ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को करीब 2.87 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड ट्रांसफर करने को मंजूरी दे दी है. बाजार में पहले से अनुमान लगाया जा रहा था कि इस बार RBI का डिविडेंड 2.7 लाख करोड़ रुपये से 3.2 लाख करोड़ रुपये के बीच रह सकता है.
मेगा डिविडेंड का ऐलान! RBI ने खोला खजाना, सरकार को दिया ₹2.87 लाख करोड़ का Dividend

RBI ने सरकार के लिए खोला डिविडेंड का ऐलान. (प्रतीकात्मक तस्वीर: AI/ChatGPT)

RBI Dividend: सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया Reserve Bank of India ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को करीब 2.87 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड ट्रांसफर करने को मंजूरी दे दी है. यह भारत सरकार के लिए एक बड़ा राजकोषीय सपोर्ट माना जा रहा है. इससे पहले पिछले साल RBI ने सरकार को 2.69 लाख करोड़ रुपये का सरप्लस ट्रांसफर किया था.

जानकारी है कि RBI बोर्ड की बैठक में सरप्लस ट्रांसफर के साथ-साथ वैश्विक जियोपॉलिटिकल हालात, घरेलू आर्थिक स्थिति और वित्तीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई. बाजार में पहले से अनुमान लगाया जा रहा था कि इस बार RBI का डिविडेंड 2.7 लाख करोड़ रुपये से 3.2 लाख करोड़ रुपये के बीच रह सकता है.

लगातार बढ़ रहा RBI का डिविडेंड

पिछले कुछ वर्षों में RBI की ओर से सरकार को मिलने वाला डिविडेंड तेजी से बढ़ा है.

  • FY24 में RBI डिविडेंड: 2.11 लाख करोड़ रुपये
  • FY25 में RBI डिविडेंड: 2.69 लाख करोड़ रुपये
  • FY26 में RBI डिविडेंड: करीब 2.87 लाख करोड़ रुपये

FY25 में डिविडेंड सालाना आधार पर करीब 27% बढ़ा था. इस बार भी ऊंचे स्तर का ट्रांसफर सरकार के लिए राहत की खबर माना जा रहा है.

RBI इतना बड़ा डिविडेंड कैसे देता है?

RBI की कमाई कई स्रोतों से होती है. इसमें विदेशी मुद्रा भंडार पर मिलने वाला रिटर्न, सरकारी बॉन्ड से ब्याज आय और फॉरेक्स ट्रांजैक्शन शामिल हैं.

इस बार विदेशी सिक्योरिटीज और रुपये बॉन्ड से ब्याज आय बढ़ने का फायदा RBI को मिला. हालांकि एनालिस्ट्स का मानना है कि फॉरेक्स ट्रांजैक्शन से होने वाला मुनाफा पिछले साल के मुकाबले थोड़ा कम रह सकता है.

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Contingency Risk Buffer पर क्यों है नजर?

बाजार की नजर RBI के Contingency Risk Buffer (CRB) पर भी थी. यह एक तरह का सुरक्षा रिजर्व होता है, जिसे केंद्रीय बैंक संभावित आर्थिक जोखिमों से निपटने के लिए रखता है.

फिलहाल RBI का contingency reserve 7.5% स्तर पर है. कुछ एनालिस्ट्स का मानना था कि अगर इसे घटाकर 7% किया जाता, तो सरकार को और ज्यादा सरप्लस ट्रांसफर संभव हो सकता था.

2.87 lakh crore−2.69 lakh crore=0.18 lakh crore

यानी इस बार पिछले साल के मुकाबले करीब 18,000 करोड़ रुपये ज्यादा ट्रांसफर हुआ है.

सरकार के लिए क्यों अहम है RBI का डिविडेंड?

RBI से मिलने वाला डिविडेंड सरकार के नॉन टैक्स रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा होता है. इससे सरकार को फिस्कल डेफिसिट संभालने, इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च बढ़ाने और कल्याणकारी योजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय ताकत मिलती है.

Budget FY27 में सरकार ने RBI और PSU वित्तीय संस्थानों से कुल 3.2 लाख करोड़ रुपये डिविडेंड रिसीट का अनुमान लगाया है. ऐसे में RBI का यह बड़ा ट्रांसफर बजट गणित को मजबूत करने में मददगार माना जा रहा है.

बाजार पर क्या असर हो सकता है?

एनालिस्ट्स के मुताबिक बड़ा RBI डिविडेंड बॉन्ड मार्केट और इक्विटी मार्केट दोनों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है. इससे सरकार की उधारी जरूरत कुछ हद तक कम हो सकती है, जिसका असर बॉन्ड यील्ड पर दिख सकता है. इसके अलावा बैंकिंग, PSU और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों पर भी निवेशकों की नजर रह सकती है, क्योंकि मजबूत सरकारी वित्तीय स्थिति से कैपेक्स और खर्च बढ़ने की उम्मीद रहती है.

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 RBI सरकार को डिविडेंड क्यों देता है?

RBI अपनी कमाई का एक हिस्सा रिजर्व में रखने के बाद बाकी surplus सरकार को ट्रांसफर करता है.

Q2 RBI की कमाई किन स्रोतों से होती है?

विदेशी मुद्रा भंडार, सरकारी बॉन्ड पर ब्याज, फॉरेक्स ऑपरेशन और liquidity management RBI की प्रमुख आय के स्रोत हैं.

Q3 क्या बड़ा RBI डिविडेंड fiscal deficit कम करने में मदद करता है?

हां. इससे सरकार को अतिरिक्त non-tax revenue मिलता है, जिससे fiscal deficit का दबाव कम हो सकता है.

Q4 Contingency Risk Buffer क्या होता है?

यह RBI का सुरक्षा रिजर्व होता है, जो आर्थिक संकट या बाजार जोखिम से निपटने के लिए रखा जाता है.

Q5 क्या RBI डिविडेंड का असर शेयर बाजार पर पड़ता है?

आमतौर पर बड़ा डिविडेंड बाजार के लिए सकारात्मक माना जाता है, क्योंकि इससे सरकारी वित्तीय स्थिति मजबूत होती है.

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