बड़ी खबर! RBI ने तत्काल प्रभाव से रद्द किया इस बैंक का लाइसेंस, जानिए अब ग्राहकों के जमा पैसों का क्या होगा?

आरबीआई ने पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावना न होने के कारण मुंबई के सर्वोदय को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है. 12 मई 2026 से बैंक के जमा स्वीकार करने और पुनर्भुगतान करने पर रोक लगा दी गई है. हालांकि, राहत की बात यह है कि करीब 98.36% जमाकर्ता DICGC से अपनी पूरी जमा राशि वापस पाने के हकदार हैं. जमाकर्ताओं को ₹5 लाख तक का बीमा कवर मिलेगा.
बड़ी खबर! RBI ने तत्काल प्रभाव से रद्द किया इस बैंक का लाइसेंस, जानिए अब ग्राहकों के जमा पैसों का क्या होगा?

आरबीआई ने पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावना न होने के कारण मुंबई के सर्वोदय को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)

RBI ने Mumbai के Sarvodaya Co-operative Bank Ltd. का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है. केंद्रीय बैंक ने कहा कि बैंक की वित्तीय हालत लगातार खराब होती जा रही थी और उसके पास पर्याप्त पूंजी नहीं बची थी. RBI के आदेश के बाद बैंक 12 मई 2026 के कारोबार खत्म होने के साथ ही अपनी सभी बैंकिंग गतिविधियां बंद कर देगा.

RBI के मुताबिक बैंक की मौजूदा स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह अपने जमाकर्ताओं का पैसा सुरक्षित रख सके. इसी वजह से Maharashtra के Cooperative Societies Registrar को बैंक को बंद करने और उसके लिए Liquidator नियुक्त करने का निर्देश भी दिया गया है. अब जमाकर्ताओं को DICGC के जरिए बीमा सीमा तक पैसा वापस मिलेगा.

RBI ने क्यों लिया बड़ा फैसला

पूंजी की कमी: RBI ने कहा कि बैंक के पास पर्याप्त Capital और कमाई की संभावनाएं नहीं थीं. बैंक Banking Regulation Act, 1949 के कई प्रावधानों का पालन करने में नाकाम रहा. लगातार कमजोर होती वित्तीय स्थिति के कारण बैंक के संचालन को सुरक्षित नहीं माना गया.

जमाकर्ताओं के हितों पर खतरा: RBI के अनुसार बैंक की हालत ऐसी हो चुकी थी कि वह अपने मौजूदा जमाकर्ताओं को पूरा पैसा लौटाने की स्थिति में नहीं था. अगर बैंक को आगे काम करने दिया जाता तो आम लोगों के हितों को गंभीर नुकसान हो सकता था.

अब ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा

बैंकिंग सेवाएं तुरंत बंद: लाइसेंस रद्द होने के बाद बैंक अब कोई Banking Business नहीं कर सकेगा. इसमें जमा राशि लेना, पैसा लौटाना और अन्य बैंकिंग सेवाएं शामिल हैं. ग्राहकों के नए Transaction और Banking Operations तत्काल प्रभाव से रुक गए हैं.

Liquidation प्रक्रिया शुरू होगी: Maharashtra के Registrar और संबंधित विभाग बैंक को बंद करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे. इसके लिए Liquidator नियुक्त किया जाएगा जो बैंक की संपत्तियों और देनदारियों का हिसाब संभालेगा. इसी प्रक्रिया के जरिए आगे जमाकर्ताओं के दावों का निपटारा किया जाएगा.

DICGC से कितना पैसा मिलेगा

5 लाख रुपये तक की सुरक्षा: DICGC नियमों के तहत हर जमाकर्ता को अधिकतम 5 लाख रुपये तक की Deposit Insurance सुरक्षा मिलेगी. इसका मतलब है कि जिन ग्राहकों की जमा राशि इस सीमा के भीतर है उन्हें पूरा पैसा वापस मिलने की संभावना है.

अधिकतर ग्राहकों को पूरा पैसा: RBI ने बताया कि बैंक द्वारा जमा किए गए आंकड़ों के अनुसार लगभग 98.36 प्रतिशत जमाकर्ता ऐसे हैं जिन्हें DICGC से उनकी पूरी जमा राशि मिल जाएगी. 31 मार्च 2026 तक DICGC पहले ही करीब 26.72 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुका है.

Cooperative Banks पर बढ़ रही सख्ती

RBI की निगरानी तेज: पिछले कुछ वर्षों में RBI कमजोर Cooperative Banks पर लगातार सख्त कदम उठा रहा है. इसका मकसद जमाकर्ताओं के पैसों की सुरक्षा बढ़ाना और Banking System में भरोसा बनाए रखना है.

नियमों के पालन पर जोर: RBI अब उन बैंकों पर तेजी से कार्रवाई कर रहा है जो Capital, Governance और Financial Compliance से जुड़े नियमों का पालन नहीं करते. इससे Banking Sector में पारदर्शिता और जिम्मेदारी बढ़ाने की कोशिश की जा रही है.

Conclusion

आरबीआई की यह कार्रवाई सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक सख्त कदम है. लाइसेंस रद्द होने के बाद अब बैंक न तो नए डिपॉजिट ले सकता है और न ही पुराने पैसे लौटा सकता है. प्रभावित ग्राहकों को अब परिसमापक (Liquidator) की नियुक्ति और आगे की रिफंड प्रक्रिया का इंतजार करना होगा. यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि अपना पैसा निवेश करने से पहले बैंक की वित्तीय सेहत और रेटिंग की जांच करना कितना जरूरी है.

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 क्या बैंक लाइसेंस कैंसिल होने पर लोगों का पैसा डूब जाता है?

नहीं, अगर जमा राशि ₹5 लाख तक है, तो DICGC आपको पूरी रकम वापस करता है.

Q2 ₹5 लाख से ज्यादा जमा होने पर क्या होगा?

₹5 लाख तक की राशि बीमा के तहत मिलेगी. उससे ऊपर की राशि के लिए आपको परिसमापन (Liquidation) प्रक्रिया के दौरान बैंक की संपत्तियों की बिक्री से होने वाली वसूली का इंतजार करना होगा.

Q3 DICGC क्या है?

यह आरबीआई की एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है जो बैंक जमा का बीमा करती है.

Q4 लिक्विडेटर (Liquidator) का क्या काम होता है?

वह बैंक की संपत्तियों को बेचकर जमाकर्ताओं और लेनदारों का पैसा चुकाने की प्रक्रिया को संभालता है.

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