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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मंगलवार को महाराष्ट्र के औरंगाबाद स्थित Ajantha Urban Co-operative Bank Maryadit का लाइसेंस रद्द कर दिया है. रिजर्व बैंक ने यह कदम बैंक की खराब वित्तीय स्थिति और कमाई की संभावनाएं बेहद कमजोर होने के चलते उठाया है. इसके साथ ही अब यह बैंक किसी भी प्रकार का बैंकिंग कार्य नहीं कर सकेगा.
RBI ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि 22 अप्रैल 2025 को कारोबार समाप्त होने के साथ ही यह बैंक बैंकिंग व्यवसाय करने से अयोग्य हो गया है. महाराष्ट्र के सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार को भी बैंक को बंद करने और इसके लिए एक लिक्विडेटर नियुक्त करने का निर्देश दिया गया है.
RBI ने यह भी स्पष्ट किया है कि बैंक के बंद होने पर जमाकर्ताओं को उनकी जमा राशि का बीमा सुरक्षा के तहत ₹5 लाख तक वापस मिलेगा, जो कि डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) द्वारा दिया जाएगा. बैंक द्वारा जमा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 91.55% जमाकर्ताओं को उनकी जमा राशि पूरी तरह से लौटाई जाएगी. 3 अप्रैल 2025 तक, DICGC ने पहले ही ₹275.22 करोड़ की बीमित जमा राशि का भुगतान कर दिया है.
रिज़र्व बैंक के अनुसार, बैंक की मौजूदा वित्तीय स्थिति ऐसी नहीं है कि वह अपने मौजूदा जमाकर्ताओं को भुगतान कर सके. बैंक का संचालन यदि आगे जारी रहता, तो यह जनहित और जमाकर्ताओं के हितों के लिए नुकसानदायक साबित होता. इसी वजह से RBI ने यह कठोर निर्णय लिया है.
अब इस बैंक को किसी भी तरह की बैंकिंग गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी, जिसमें जमा लेना या जमा की वापसी करना भी शामिल है.
यदि आपका खाता Ajantha Urban Co-operative Bank में है, तो घबराएं नहीं. आप अपनी बीमित जमा राशि के लिए DICGC के ज़रिए दावा कर सकते हैं. साथ ही, बैंक के लिक्विडेटर के संपर्क में रहकर अपनी रकम से संबंधित अपडेट ले सकते हैं.