ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों पर RBI का एक्शन! जून से AI पकड़ेगा संदिग्ध ट्रांजेक्शन, सुरक्षित होगा आपका UPI और बैंक बैलेंस

भारतीय रिजर्व बैंक जून तक AI आधारित डिजिटल पेमेंट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म लॉन्च करेगा.असल में यह सिस्टम UPI, कार्ड और अन्य ऑनलाइन ट्रांजैक्शंस पर नजर रखकर म्यूल अकाउंट और फ्रॉड नेटवर्क की पहचान करेगा, जिससे डिजिटल यूजर्स को मजबूत सुरक्षा कवच मिलेगा
ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों पर RBI का एक्शन! जून से AI पकड़ेगा संदिग्ध ट्रांजेक्शन, सुरक्षित होगा आपका UPI और बैंक बैलेंस

RBI AI fraud detection

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) जून तक एक नया डिजिटल पेमेंट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की तैयारी में है. ये प्लेटफॉर्म खास तौर पर म्यूल अकाउंट और संगठित फ्रॉड नेटवर्क की पहचान करने के लिए बनाया जा रहा है.असल में एआई आधारित यह सिस्टम संदिग्ध ट्रांजैक्शंस को पहले ही फ्लैग कर देगा, जिससे डिजिटल पेमेंट यूजर्स को मजबूत सुरक्षा कवच मिलेगा.सूत्रों की मानें तो UPI, NEFT, IMPS जैसे सभी पेमेंट मोड इसके दायरे में होंगे. इसके अलावा डेबिट-क्रेडिट कार्ड, वॉलेट और अन्य डिजिटल ट्रांसफर पर भी निगरानी रखी जाएगी. वैसे RBI का यह कदम ऑनलाइन फ्रॉड पर लगाम लगाने की दिशा में बड़ा चेंज माना जा रहा है.

डिजिटल फ्रॉड पर आईबीआई का क्या होगा एक्शन?

  • जून तक लॉन्च होगा RBI का डिजिटल पेमेंट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म
  • प्लैटफॉर्म से Mule अकाउंट, फ्रॉड नेटवर्क की पहचान होगी
  • डिजिटल पेमेंट यूजर्स को मिलेगा सुरक्षा कवच
  • AI-आधारित सिस्टम RBI का अगला बड़ा कदम होगा
  • AI के जरिए पहले ही फ्लैग होंगे संदिग्ध ट्रांजेक्शंस
  • UPI, NEFT, IMPS समेत सभी पेमेंट मोड दायरे में आएंगे
  • कार्ड, वॉलेट समेत सभी डिजिटल ट्रांसफर पर निगरानी होगी
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डिजिटल पेमेंट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DPIP) क्या है?

  • RBI का डिजिटल पेमेंट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DPIP) एक एडवांस AI-आधारित सिस्टम होगा.
  • इसका मकसद ऑनलाइन फ्रॉड को रियल-टाइम में पकड़ना और रोकना है.
  • UPI, IMPS, NEFT और कार्ड पेमेंट का यूज बढ़ा है, वैसे-वैसे साइबर ठगी के मामले भी बढ़े हैं.
  • इसी चुनौती से निपटने के लिए यह प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है.rbi

AI और ML की मदद से होगा कमाल

  • DPIP आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) से संदिग्ध ट्रांजेक्शंस की पहचान करेगा.
  • किसी खाते में असामान्य गतिविधि दिखते ही सिस्टम उसे तुरंत फ्लैग कर देगा
  • इससे फ्रॉड को होने से पहले ही रोका जा सकेगा
  • यह प्लेटफॉर्म बैंकों के बीच रियल-टाइम डेटा शेयरिंग की सुविधा देगा
  • म्यूल अकाउंट और फ्रॉड नेटवर्क की पहचान तेज और सटीक तरीके से हो सकेगी

कितने तरह के होते हैं डिजिटल फ्रॉड

आज के डिजिटल दौर में ठगी के तरीके भी तेजी से बदल रहे हैं.लेकिन सबसे खतरनाक स्कैम में से एक है डिजिटल अरेस्ट, जिसमें ठग खुद को पुलिस, CBI या कस्टम अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करते हैं और डराते हैं कि आपके नाम पर कोई गैरकानूनी पार्सल पकड़ा गया है।

  • विशिंग में जालसाज बैंक अधिकारी बनकर फोन करते हैं और ओटीपी, पिन या सीवीवी जैसी गोपनीय जानकारी मांगते हैं.
  • फिशिंग में नकली ईमेल या लिंक भेजकर आपकी लॉगिन डिटेल्स चुराई जाती हैं.
  • वेबसाइट स्पूफिंग के तहत असली जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट बनाकर डेटा चोरी किया जाता है.
  • मैलवेयर अटैक में आपके फोन या लैपटॉप में वायरस डालकर बैंकिंग जानकारी निकाली जाती है.
  • स्पियर फिशिंग खास इंसान को निशाना बनाकर की जाती है.
  • स्किमिंग में एटीएम मशीन से कार्ड डेटा कॉपी होता है,
  • सिम स्वैप में आपके नंबर पर कब्जा कर ओटीपी हासिल होता है.
  • स्मिशिंग यानी SMS के जरिए लिंक भेजकर ठगी करना होता है.

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 RBI का डिजिटल पेमेंट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DPIP) क्या है?

यह AI आधारित सिस्टम है जो रियल-टाइम में डिजिटल फ्रॉड की पहचान और रोकथाम करेगा

Q2 यह प्लेटफॉर्म कब लॉन्च होगा?

RBI इसे जून तक लॉन्च करने की तैयारी में है

Q3 किन पेमेंट मोड पर निगरानी रहेगी?

UPI, NEFT, IMPS, डेबिट-क्रेडिट कार्ड और वॉलेट समेत सभी डिजिटल ट्रांजैक्शन इसके दायरे में होंगे

Q4 अकाउंट क्या होता है?

ऐसे बैंक खाते जिन्हें फ्रॉड के पैसों को ट्रांसफर या छिपाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है

Q5 आम यूजर्स को क्या फायदा होगा?

संदिग्ध ट्रांजैक्शन पहले ही फ्लैग होंगे, जिससे ऑनलाइन ठगी से सुरक्षा मजबूत होगी

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