पैसे की तंगी होगी दूर! RBI कल नीलाम करेगा 29000 करोड़ के सरकारी बॉन्ड, दिल्ली-आंध्र जैसे राज्यों ने भी जुटाए अरबों रुपये

आरबीआई ने 29000 करोड़ रुपये के सरकारी बॉन्ड की नीलामी का किया एलान! जानें क्या है अंडरराइटिंग ऑक्शन और कैसे आंध्र प्रदेश और दिल्ली समेत कई राज्यों ने जुटाए करोड़ों रुपये.
पैसे की तंगी होगी दूर! RBI कल नीलाम करेगा 29000 करोड़ के सरकारी बॉन्ड, दिल्ली-आंध्र जैसे राज्यों ने भी जुटाए अरबों रुपये

RBI कल नीलाम करेगा 29000 करोड़ के सरकारी बॉन्ड.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को एक ऐसी घोषणा की है जो देश के वित्तीय बाजार में बड़ी हलचल पैदा करने वाली है. आरबीआई कल यानी गुरुवार को 29,000 करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities) की बिक्री के लिए एक 'अंडरराइटिंग ऑक्शन' आयोजित करने जा रहा है. सरल शब्दों में कहें तो सरकार अपनी योजनाओं और खर्चों के लिए बाजार से बड़ा कर्ज जुटाने की तैयारी में है और आरबीआई इस पूरी प्रक्रिया का मैनेजर बनकर सामने आया है.

यह खबर सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बताती है कि आने वाले समय में सरकारी प्रोजेक्ट्स और विकास कार्यों के लिए फंड की व्यवस्था कैसे की जा रही है. इस नीलामी में दो बड़े सरकारी बॉन्ड शामिल हैं, जिनकी मैच्योरिटी की अवधि काफी लंबी है. चलिए, इस पूरी प्रक्रिया को एक कहानी की तरह समझते हैं कि कैसे आरबीआई और बैंक मिलकर इस विशाल रकम का इंतजाम करेंगे.

दो बड़े सरकारी बॉन्ड और उनका पूरा ब्यौरा

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भारत सरकार ने जिन दो प्रतिभूतियों की दोबारा बिक्री (Re-issue) का फैसला किया है, उनमें निवेश की अवधि बहुत लंबी रखी गई है.

पहला बॉन्ड: यह 17,000 करोड़ रुपये का है. इसकी ब्याज दर 6.68 परसेंट तय की गई है और यह साल 2040 में मैच्योर होगा. यानी यह उन निवेशकों के लिए है जो अगले 14-15 सालों के लिए अपना पैसा सुरक्षित रखना चाहते हैं.

दूसरा बॉन्ड: यह 12,000 करोड़ रुपये का है और इसकी ब्याज दर 7.43 परसेंट है. इसकी मैच्योरिटी साल 2076 में होगी. यह बहुत ही लंबी अवधि का निवेश है, जो बड़े संस्थानों और पेंशन फंड्स के लिए काफी आकर्षक हो सकता है.

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प्राइमरी डीलर्स (PDs) के लिए क्या हैं नए नियम?

इस नीलामी को सफल बनाने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से 'प्राइमरी डीलर्स' पर होती है. ये वो संस्थान होते हैं जो आरबीआई और निवेशकों के बीच एक पुल का काम करते हैं. आरबीआई ने 2007 के पुराने नियमों के तहत हर डीलर के लिए एक 'न्यूनतम अंडरराइटिंग कमिटमेंट' (MUC) तय कर दिया है.

  • 2040 वाले बॉन्ड के लिए हर प्राइमरी डीलर को कम से कम 405 करोड़ रुपये की बिडिंग करनी ही होगी.
  • 2076 वाले बॉन्ड के लिए यह सीमा 286 करोड़ रुपये तय की गई है.

इसका मतलब यह है कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि नीलामी के दौरान बॉन्ड की मांग कम न पड़े और पूरी रकम बाजार से जुटाई जा सके.

ई-कुबेर सिस्टम और नीलामी की प्रक्रिया

यह पूरी नीलामी इलेक्ट्रॉनिक तरीके से होगी. प्राइमरी डीलर्स को अपनी बोलियां आरबीआई के कोर बैंकिंग सॉल्यूशन यानी 'ई-कुबेर सिस्टम' (e-Kuber system) के जरिए जमा करनी होंगी. यह काम कल सुबह 9:00 बजे से 9:30 बजे के बीच यानी सिर्फ आधे घंटे के भीतर निपटाना होगा.

यह नीलामी 'मल्टीपल प्राइस बेस्ड मेथड' पर आधारित होगी. खास बात यह है कि जो डीलर इस नीलामी में हिस्सा लेंगे, उन्हें अंडरराइटिंग कमीशन भी दिया जाएगा. यह कमीशन सीधे उनके आरबीआई करंट अकाउंट में जमा कर दिया जाएगा, जैसे ही बॉन्ड जारी किए जाएंगे.

राज्यों ने भी बाजार से उठाए करोड़ों रुपये

सिर्फ केंद्र सरकार ही नहीं, बल्कि भारत के कई राज्यों ने भी अपनी जरूरतों के लिए बाजार से भारी-भरकम रकम जुटाई है. आरबीआई ने जानकारी दी है कि कई राज्य सरकारों ने मिलकर कुल 45,960 करोड़ रुपये स्टेट गवर्नमेंट सिक्योरिटीज (SGS) के जरिए जुटाए हैं.

आंध्र प्रदेश: इन्होंने 13, 15 और 17 साल की अवधि वाले तीन बॉन्ड के जरिए 3,000 करोड़ रुपये जुटाए.

दिल्ली: देश की राजधानी ने 10 साल की अवधि वाले सिक्योरिटी के जरिए 1,000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया.

असम और अरुणाचल प्रदेश: असम ने 900 करोड़ रुपये और अरुणाचल ने 190 करोड़ रुपये जुटाए हैं.
इन आंकड़ों से साफ है कि राज्य भी अपने विकास कार्यों के लिए बाजार पर निर्भर हैं.

FAQs

Q.1: आरबीआई कल कितनी रकम की नीलामी करने जा रहा है?

Answer: आरबीआई कुल 29,000 करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities) की नीलामी करेगा.

Q.2: इस नीलामी में कौन-कौन से बॉन्ड शामिल हैं?

Answer: इसमें दो बॉन्ड शामिल हैं: पहला 17,000 करोड़ रुपये का (जो 2040 में मैच्योर होगा) और दूसरा 12,000 करोड़ रुपये का (जो 2076 में मैच्योर होगा).

Q.3: प्राइमरी डीलर्स (PDs) के लिए क्या शर्त रखी गई है?

Answer: हर प्राइमरी डीलर को 2040 वाले बॉन्ड के लिए कम से कम 405 करोड़ और 2076 वाले बॉन्ड के लिए 286 करोड़ रुपये की बोली लगाना अनिवार्य है.

Q.4: नीलामी किस प्लेटफॉर्म पर और कब होगी?

Answer: यह नीलामी आरबीआई के 'ई-कुबेर सिस्टम' पर कल 2 अप्रैल को सुबह 9:00 बजे से 9:30 बजे के बीच होगी.

Q.5: क्या राज्यों ने भी बाजार से पैसा जुटाया है?

Answer: हां, आंध्र प्रदेश (3,000 करोड़), दिल्ली (1,000 करोड़) और असम (900 करोड़) समेत कई राज्यों ने कुल 45,960 करोड़ रुपये जुटाए हैं.

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