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सरकारी बैंकों ने रचा इतिहास! प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
देश के सरकारी बैंकों ने वित्त वर्ष 2025-26 में ऐसा प्रदर्शन किया है, जो पहले कभी देखने को नहीं मिला. वित्तीय सेवा विभाग (DFS) की समीक्षा बैठक में सामने आया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) ने रिकॉर्ड ₹1.98 लाख करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया है.
इतना ही नहीं, बैंकों का कुल कारोबार ₹283 लाख करोड़ तक पहुंच गया है और खराब कर्ज यानी GNPA भी घटकर 1.93% के ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ गया है. इन आंकड़ों ने सरकारी बैंकों की मजबूत होती वित्तीय स्थिति की तस्वीर पेश की है.
वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव ने वित्त वर्ष 2025-26 में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा की. बैठक में बैंकों की वित्तीय स्थिति, परिसंपत्ति गुणवत्ता और परिचालन प्रदर्शन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई. समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि सरकारी बैंकों ने मुनाफे, कारोबार और परिसंपत्ति गुणवत्ता के मामले में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है.
बैठक में साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक FY26 में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का संयुक्त शुद्ध लाभ ₹1.98 लाख करोड़ रहा. यह अब तक का सबसे बड़ा मुनाफा है.
बैंकों के कारोबार में भी मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली और कुल बिजनेस ₹283 लाख करोड़ तक पहुंच गया. इससे साफ है कि सरकारी बैंक लगातार अपने कारोबार का दायरा बढ़ा रहे हैं.
सरकारी बैंकों के लिए सबसे बड़ी राहत खराब कर्ज के मोर्चे पर मिली है. सकल एनपीए (GNPA) घटकर 1.93% पर आ गया है, जो ऐतिहासिक रूप से सबसे निचला स्तर माना जा रहा है. GNPA में आई यह गिरावट बताती है कि बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता में लगातार सुधार हो रहा है और वसूली की स्थिति पहले से बेहतर हुई है.
बैठक के दौरान “आपकी पूंजी, आपका अधिकार (Your Money, Your Right)” नामक कॉफी टेबल बुक का भी अनावरण किया गया. इस पुस्तक में देशभर में मौजूद अनक्लेम्ड यानी लावारिस वित्तीय परिसंपत्तियों को खोजने और उन्हें उनके असली हकदारों तक पहुंचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को दिखाया गया है. इसका उद्देश्य लोगों को अपनी भूली-बिसरी वित्तीय संपत्तियों के प्रति जागरूक करना भी है.
वित्तीय सेवा विभाग ने अपनी नई वेबसाइट भी लॉन्च की. नई वेबसाइट को आम नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है. इसमें बहुभाषी सुविधाएं दी गई हैं, जिससे अलग-अलग भाषाओं में जानकारी हासिल की जा सकेगी. साथ ही वेबसाइट को दिव्यांगजन-अनुकूल भी बनाया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका उपयोग कर सकें.
नई वेबसाइट का मकसद लोगों के लिए सरकारी सेवाओं और जरूरी जानकारी तक पहुंच को आसान बनाना है. इसके जरिए नागरिकों को बेहतर डिजिटल अनुभव देने और सरकारी सेवाओं के साथ संवाद को और सरल बनाने की कोशिश की गई है.