जनधन योजना ने बदली गरीबों की जिंदगी, 11 साल में देश के 55.90 करोड़ लोग बैंकिंग सिस्टम से जुड़े

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने जनधन योजना को गरीबों के लिए एक बड़ी सफलता बताया है. इस योजना ने 11 सालों में 55.90 करोड़ से ज्यादा लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा है और उन्हें डेबिट कार्ड जैसी आधुनिक सुविधाएं दी हैं. साथ ही, इससे मुद्रा और स्वनिधि जैसी योजनाओं के जरिए छोटे व्यापार और स्वरोजगार के लिए लोन मिलना भी आसान हुआ है.
जनधन योजना ने बदली गरीबों की जिंदगी, 11 साल में देश के 55.90 करोड़ लोग बैंकिंग सिस्टम से जुड़े

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने जनधन योजना को लेकर मंगलवार को कहा कि जनधन योजना देश के गरीबों के लिए एक बहुत बड़ी कामयाबी साबित हुई है. इस योजना ने उन करोड़ों लोगों की जिंदगी बदल दी है, जिनका पहले कभी बैंक में खाता तक नहीं था. अब उनके पास न सिर्फ अपना बैंक अकाउंट है, बल्कि वो सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ जी रहे हैं. PMO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक आर्टिकल शेयर करके बताया कि कैसे इस योजना ने 11 साल पूरे होने पर देश की तस्वीर बदल दी है. बता दें कि सरकार के मुताबिक, इस योजना के तहत अब तक 55.90 करोड़ से भी ज्यादा खाते खोले जा चुके हैं.

क्या थी सबसे बड़ी मुश्किल?

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पहले गरीब आदमी अपना पैसा या तो घर पर रखता था या किसी साहूकार के पास. बैंक जाना एक बड़ी बात लगती थी. इसी मुश्किल को खत्म करने के लिए सरकार ने अगस्त 2014 में प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) शुरू की. इसका एक ही मकसद था - देश के हर नागरिक को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ना.

लोगों को क्या-क्या फायदे मिले?

  • इस योजना के तहत लोगों को कई शानदार सुविधाएं मिलीं जैसे-
  • जीरो बैलेंस पर खाता खुलवाने की सुविधा.
  • एक रुपे डेबिट कार्ड (RuPay Debit Card) मिला, जिससे वो ATM से पैसे निकाल सकते हैं.
  • जरूरत पड़ने पर 10,000 रुपए तक की ओवरड्राफ्ट की सुविधा.

लोन पाना भी हुआ आसान

सरकार के मुताबिक, इस योजना के तहत अब तक 55.90 करोड़ से भी ज्यादा खाते खोले जा चुके हैं. सरकार सिर्फ बैंक खाते खुलवाकर ही नहीं रुकी, बल्कि ये भी सुनिश्चित किया कि इन खाताधारकों को अपना काम शुरू करने के लिए आसानी से लोन मिल सके.

मुद्रा योजना: जो लोग अपना छोटा-मोटा काम-धंधा (जैसे दुकान खोलना, सिलाई मशीन लगाना) शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) है. इसके तहत बिना किसी गारंटी के 20 लाख रुपए तक का लोन दिया जाता है. अब तक इस योजना में 35.13 लाख करोड़ रुपए के 53.85 करोड़ से ज्यादा लोन बांटे जा चुके हैं.

अन्य योजनाएं: इसके अलावा, SC/ST और महिला उद्यमियों के लिए स्टैंड-अप इंडिया, रेहड़ी-पटरी वालों के लिए पीएम स्वनिधि, और कारीगरों (जैसे बढ़ई, लोहार) के लिए प्रधानमंत्री विश्वकर्मा जैसी कई खास योजनाएं भी चल रही हैं.

गांवों में लोन देने के लिए नया सिस्टम

अब सरकार टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके 'गांव का क्रेडिट स्कोर' (Rural Credit Score) बना रही है. इससे उन लोगों की भी लोन लेने की क्षमता का पता चल पाएगा, जिनका कोई पुराना बैंकिंग रिकॉर्ड नहीं है. इससे स्वयं सहायता समूहों (SHG), किसानों और दूसरे ग्रामीण लोगों को आसानी से और सही तरीके से लोन मिल पाएगा.

खबर से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. आखिर ये जनधन योजना है क्या?

ये सरकार की एक योजना है जिसका मकसद देश के हर गरीब से गरीब आदमी को बैंक से जोड़ना है. इस योजना के तहत कोई भी अपना बैंक खाता जीरो बैलेंस पर खुलवा सकता है.

2. जनधन खाता खुलवाने से क्या-क्या फायदे मिलते हैं?

इसके कई फायदे हैं. आपको एक रुपे डेबिट कार्ड मिलता है, जिससे आप ATM से पैसे निकाल सकते हैं. साथ ही, खाते में 2 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा कवर और जरूरत पड़ने पर 10,000 रुपए तक की ओवरड्राफ्ट (बैंक से उधार लेने की सुविधा) की सुविधा भी मिलती है.

3. अगर मेरा जनधन खाता है, तो क्या मुझे भी अपना काम शुरू करने के लिए लोन मिल सकता है?

हां, बिल्कुल. जनधन खाता होने से आपका एक बैंकिंग रिकॉर्ड बन जाता है. आप सरकार की दूसरी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्वनिधि योजना या विश्वकर्मा योजना के तहत अपना छोटा-मोटा काम शुरू करने के लिए आसानी से लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं.

4. ये मुद्रा योजना क्या है, जिसके तहत लोन मिलता है?

ये छोटे व्यापारियों और अपना काम शुरू करने वालों के लिए एक लोन स्कीम है. इसके तहत कोई भी व्यक्ति बिना किसी गारंटी के अपनी दुकान, ठेला या कोई दूसरा छोटा बिजनेस शुरू करने के लिए 50 हजार से लेकर 20 लाख रुपए तक का लोन ले सकता है.

Input- IANS

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