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पंजाब नैशनल बैंक के एमडी एवं सीईओ, अशोक चंद्र ने पीएनबी परिवार को उनके अटूट समर्पण और प्रतिबद्धता के लिए हार्दिक बधाई दी.
भारत के सबसे भरोसेमंद वित्तीय संस्थानों में से एक पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने यशोभूमि, नई दिल्ली में बड़े गर्व से अपना 132 वां स्थापना दिवस मनाया. यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम लचीलेपन, भरोसे और राष्ट्र निर्माण की एक सदी से अधिक की अवधि का प्रतीक है, जो भारत की आर्थिक प्रगति को गति देने में पीएनबी की महत्वपूर्ण भूमिका की पुष्टि करता है.
पंजाब नैशनल बैंक के एमडी एवं सीईओ, अशोक चंद्र ने पीएनबी परिवार को उनके अटूट समर्पण और प्रतिबद्धता के लिए हार्दिक बधाई दी, जिसने बैंक की इस उल्लेखनीय यात्रा को आकार दिया है. इस उत्सव में पीएनबी की समृद्ध विरासत और भविष्य के दृष्टिकोण का सम्मान करने के लिए प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति, वरिष्ठ नेतृत्व, कर्मचारी और हितधारक एक साथ आए.
इस कार्यक्रम की गरिमा मुख्य अतिथि एम. नागराजू, सचिव, डीएफएस, हरि हर मिश्रा, अपर सचिव, डीएफएस व डीएफएस, आरबीआई और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के उच्च अधिकारियों के साथ-साथ बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने बढ़ाई.
समारोह की शुरुआत बैंक के संस्थापक और स्वतंत्रता सेनानी दिवंगत लाला लाजपत राय के सम्मान में माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जो राष्ट्रीय विकास के प्रति पीएनबी की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराता है. इसके बाद कलाकार आर्यव आनंद और ऋषभ जोशी द्वारा गणेश वंदना, कथक और कृष्ण वंदना सहित जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिसने उत्सव के लिए एक पावन वातावरण तैयार किया.
मुख्य अतिथि एम. नागराजू, सचिव, वित्तीय सेवा विभाग, ने कहा: “मैं लाला लाजपत राय की दूरदर्शी विरासत को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिनके आदर्श आज भी पंजाब नेशनल बैंक का मार्गदर्शन करते हैं. जैसे-जैसे बैंक अपने 132 वर्ष पूरे कर रहा है, इसकी यात्रा- ₹20,000 की एक छोटी सी शुरुआत से लेकर लगभग ₹30 लाख करोड़ के वैश्विक कारोबार तक-आधुनिक भारत के विकास को ही दर्शाती है. बैंक का मज़बूत प्रदर्शन एक ऐसी संस्था को दिखाता है जो एक उद्देश्य और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही है, और सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकिंग में इसके सार्थक योगदान की सराहना की जानी चाहिए. जैसे-जैसे भारत अपने विकास लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ रहा है, PNB जैसे बैंक इस यात्रा में केवल भागीदार ही नहीं हैं, बल्कि वे इसे संभव बनाने वाले भी हैं. बुनियादी ढाँचे और नवीकरणीय ऊर्जा के वित्तपोषण से लेकर MSMEs और पहली पीढ़ी के उद्यमियों को सहायता देने तक; डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने से लेकर दूरदराज के क्षेत्रों तक औपचारिक वित्त पहुँचाने तक-बैंकिंग अर्थव्यवस्था के रक्त संचार तंत्र के रूप में कार्य करती है.”
इस अवसर पर बोलते हुए, एमडी एवं सीईओ अशोक चंद्र ने कहा: "132 वर्षों से अधिक समय से पीएनबी किसानों, एमएसएमई, उद्यमियों और करोड़ों ग्राहकों को सहयोग प्रदान करते हुए भारत की विकास यात्रा में एक भरोसेमंद भागीदार बना हुआ है. डिजिटल स्वीकृति में ₹1 लाख करोड़ का हमारा कीर्तिमान और कई डिजिटल उत्पादों का शुभारंभ नवाचार, गति और निर्बाध बैंकिंग अनुभवों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है. जैसे-जैसे हम 'विकसित भारत 2047' की ओर बढ़ रहे हैं पीएनबी वित्तीय समावेशन और तकनीक-आधारित परिवर्तन को रफ्तार देना जारी रखेगा."
इस संध्या का समापन सोनू निगम की एक शानदार संगीतमय प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और उत्सव के उत्साह को चरम पर पहुँचा दिया. कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत लघु नाटकों, बैंड प्रदर्शन और शास्त्रीय नृत्य ने पीएनबी परिवार की रचनात्मक भावना को और अधिक प्रदर्शित किया.
पीएनबी का 132वां स्थापना दिवस इसकी स्थायी विरासत, मजबूत मूल्यों और राष्ट्र की सेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के प्रमाण के रूप में खड़ा है. डिजिटल परिवर्तन, सस्टेनेबिलिटी और ग्राहक-केंद्रित नवाचार पर ध्यान केंद्रित करते हुए, पीएनबी करोड़ों लोगों के लिए एक भरोसेमंद वित्तीय भागीदार के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करना जारी रखे हुए है, जो समावेशी और सतत विकास की ओर भारत की यात्रा में सहायक है.