Home Loan हो, कार लोन हो या पर्सनल लोन...किसी भी कर्ज को अप्रूवल देते समय बैंक सिबिल स्कोर को चेक करते हैं. लेकिन कई बार कुछ लोगों का स्कोर का मीटर चालू ही नहीं होता, मतलब क्रेडिट स्कोर Zero (0) होता है. ऐसे में बैंक ये समझ नहीं पाते कि ग्राहक विश्वसनीय है या नहीं. ऐसे में बैंक ग्राहक को लोन देने में हिचकिचाते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि अगर बैंक में आपकी FD चल रही है तो आप माइनस सिबिल स्कोर के मीटर को तेजी से दौड़ा सकते हैं? समझिए कैसे.
1/7अगर आपने कभी कोई लोन नहीं लिया और आप क्रेडिट कार्ड का भी इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो ऐसे में आपकी कोई क्रेडिट हिस्ट्री ही नहीं होती और तब आपका क्रेडिट स्कोर -1 हो जाता है. जिसे सामान्य भाषा में लोग जीरो क्रेडिट स्कोर कह देते हैं.
2/7सिबिल स्कोर जीरो होने पर बैंक के सामने असमंजस की स्थिति होती है कि ग्राहक को लोन दिया जाए या नहीं क्योंकि ऐसे ग्राहक की पिछली कोई हिस्ट्री न होने से बैंक ये समझ नहीं पाते कि ग्राहक दिए गए लोन को समय से चुकाएगा य नहीं. हालांकि कई बार बैंक इनकम और दूसरे मापदंडों को देखकर लोन अप्रूव कर देते हैं. जैसे कोई व्यक्ति डॉक्टर या सीए है, लेकिन उसका सिबिल स्कोर माइनस में है, तो भी उनके लोन अप्रूवल की संभावना होती है क्योंकि उसकी आय अच्छी खासी होती है.
3/7जीरो सिबिल स्कोर होने पर अगर बैंक आपको लोन देने से इनकार कर दे तो सिबिल स्कोर का मीटर फिर कैसे चालू होगा? ये बड़ा सवाल है क्योंकि स्कोर को बढ़ाने के लिए आपको लोन तो लेना ही होगा और उसका रीपेमेंट करके अपनी क्रेडिट हिस्ट्री को भी डेवलप करना होगा. ऐसे में Fixed Deposit आपके काम आ सकती है. आप FD यानी Fixed Deposit पर बैंक से लोन लेकर अपना स्कोर बढ़ा सकते हैं.
4/7एफडी पर लोन के मामले में बैंक आपका सिबिल स्कोर चेक नहीं करते क्योंकि ये सिक्योर्ड लोन होता है. ऐसे में Zero या Poor Cibil Score होने पर भी ये लोन अप्रूव हो जाता है. इसे लेते समय बैंक आपकी एफडी को सिक्योरिटी/गारंटी के रूप में गिरवी रख लेते हैं.
5/7जिनका स्कोर माइनस में है, उनका क्रेडिट स्कोर बढ़ाने का ये बेहतरीन तरीका है. जैसे ही आप FD पर लोन लेते हैं, बैंकिंग सिस्टम में आपका कर्ज शुरू हो जाता है. इसके बाद आप समय से किस्त देकर रीपेमेंट कर सकते हैं. इससे आपकी रीपेमेंट हिस्ट्री डेवलप होगी और कुछ समय में आपका क्रेडिट स्कोर बढ़ जाएगा. आप चाहें तो क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके और समय से भुगतान करके अपने क्रेडिट स्कोर को बेहतर कर सकते हैं. एक बार क्रेडिट स्कोर बेहतर हो गया तो इसके बाद आप बैंक से कोई भी लोन आसानी से ले सकते हैं.
6/7FD पर लिए गए लोन की अवधि आपकी एफडी की अवधि पर निर्भर करती है. FD के बदले जो भी लोन आपने लिया है, उसे फिक्स्ड डिपॉजिट की मैच्योरिटी से पहले चुकाना होता है. बता दें कि FD पर लिए गए लोन पर आमतौर पर FD पर मिलने वाले ब्याज दर से 2% अधिक ब्याज लगता है. लेकिन इस लोन पर आपसे प्रोसेसिंग फीस वगैरह नहीं ली जाती.
7/7सिबिल स्कोर 300 से 900 के बीच होता है. आपका स्कोर जितना अच्छा होगा, लोन उतनी ही आसानी से मिल जाएगा और बेहतर ब्याज दरों पर मिलेगा. आमतौर पर बैंक 750 या इससे ज्यादा के स्कोर को अच्छा मानते हैं.