दोस्‍ती निभाने के चक्‍कर में बन गए लोन गारंटर तो खुद के गले में टांग लेंगे मुसीबत की घंटी, कैसे? समझ लीजिए

कई बार लोन लेते समय गारंटर की जरूरत पड़ती है. जब कोई दोस्‍त या रिश्‍तेदार आपसे कोई लोन गारंटर बनने के लिए कहता है तो आप रिश्‍ते का लिहाज करते हुए हां कह देते हैं और उसके लोन के गारंटर बन जाते हैं. लेकिन इस मामले में इमोशनल होकर नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल होकर सोचने की जरूरत है क्‍योंकि लोन लेने वाले के साथ-साथ लोन गारंटर की भी कई जिम्‍मेदारियां होती हैं. ऐसे में उधारकर्ता की गलतियों का खामियाजा गारंटर को भी भुगतना पड़ सकता है. कैसे? यहां सम‍झ लीजिए.