लोन लेना आज के समय में आम बात है. कोई घर खरीदने के लिए होम लोन लेता है, कोई कार के लिए ऑटो लोन और कोई अपनी जरूरतों के लिए पर्सनल लोन. लेकिन सोचिए अगर लोन लेने वाले की अचानक मौत हो जाए तो क्या होता है? क्या परिवार को बाकी लोन चुकाना पड़ता है या बैंक खुद उसे माफ कर देता है? यहां जानिए अलग-अलग लोन के केस में क्या हैं नियम और किसे उठानी पड़ती है जिम्मेदारी.
1/7पर्सनल लोन को Unsecured Loan कहा जाता है क्योंकि इसमें कोई गारंटी या संपत्ति गिरवी नहीं रखनी होती. अगर लोन लेने वाले की मौत हो जाए, तो बैंक परिवार से रकम वसूल नहीं कर सकता. लोन सिर्फ उधार लेने वाले व्यक्ति की आय पर आधारित होता है, इसलिए उसकी मौत के साथ ही ये कर्ज भी खत्म हो जाता है. बैंक इसे अपने “Non-Recoverable” खातों में डाल देता है. (ये भी पढ़ें- Personal Loan Mistakes: कर्ज का जाल बना सकता है कंगाल! अगर लोन लेते वक्त भूल से भी कर दीं ये 5 गलतियां)
2/7क्रेडिट कार्ड पर जो भी खर्च होता है, वो भी लोन की तरह ही होता है. लेकिन अगर कार्डधारक की मौत हो जाए तो बैंक या कार्ड कंपनी परिवार पर बकाया का बोझ नहीं डाल सकती. अधिकतर मामलों में बैंक उस राशि को “Bad Debt” मानकर अपने रिकॉर्ड में बंद कर देता है. परिवार को इस कर्ज से राहत मिल जाती है.
3/7होम लोन Secured Loan होता है. लोन के बदले घर या संपत्ति के कागज बैंक के पास गिरवी रखे जाते हैं. अगर लोन लेने वाले की मौत हो जाए तो बकाया चुकाने की जिम्मेदारी को-एप्लिकेंट या कानूनी उत्तराधिकारी की होती है. अगर परिवार लोन चुकाने में असमर्थ हो तो बैंक संपत्ति को नीलाम करके रकम निकाल सकता है. (ये भी पढ़ें- एक साथ कई सारे लोन का बोझ! EMI देते-देते हो गए हैं परेशान? ये स्मार्ट तरीका एक झटके में खत्म कर देगा सारी टेंशन)
4/7आज के समय में ज्यादातर बैंकों में ऐसी स्थितियों से बचने के लिए होम लोन इंश्योरेंस कवर ऑफर किया जाता है. अगर उधारकर्ता ने Home Loan Insurance लिया है, तो उसकी मौत के बाद लोन का बकाया इंश्योरेंस कंपनी देती है और घर परिवार के पास सुरक्षित रहता है.
5/7कार लोन भी सिक्योर्ड लोन होता है, जिसमें बैंक कार को ही कोलेटरल के रूप में रखता है. अगर लोन लेने वाले की मौत हो जाए और परिवार किस्तें न चुका पाए, तो बैंक कार को जब्त कर लेता है. बाद में उसे बेचकर बकाया लोन की वसूली की जाती है. इस तरह बैंक अपने नुकसान की भरपाई कर लेता है. (ये भी पढ़ें- हमेशा 750+ रहेगा आपका CIBIL Score, फटाक से लोन देने को राजी होगा बैंक! बस ये 5 गोल्डन रूल्स कभी न भूलें)
6/7जरूरी नहीं लेकिन सलाह दी जाती है. इससे उधारकर्ता की मौत की स्थिति में इंश्योरेंस कंपनी लोन चुका देती है.
7/7हां, बैंक पहले नोटिस भेजता है. अगर परिवार लोन नहीं चुका पाता, तभी बैंक कार या संपत्ति को जब्त करता है.