पर्सनल लोन कई बार जरूरत के वक्त काम आता है, लेकिन हर किसी को बैंक से लोन नहीं मिलता. आपकी इनकम, खर्च और क्रेडिट स्कोर जैसे कई फैक्टर तय करते हैं कि बैंक आपको पैसा देगा या नहीं. अगर इन फैक्टर्स में से कोई एक भी नेगेटिव हुआ तो आपका लोन रिजेक्ट हो सकता है. नीचे जानिए कौन-कौन से कारण आपकी लोन एलिजिबिलिटी को कम कर सकते हैं.
1/5क्रेडिट स्कोर (Credit Score) लोन अप्रूवल की सबसे अहम शर्तों में से एक है. अगर आपका स्कोर 720 से ऊपर है तो लोन मिलने की संभावना ज्यादा होती है. लेकिन 600 से नीचे का स्कोर लोन रिजेक्शन का कारण बन सकता है. बैंक ऐसे लोगों को रिस्की समझते हैं जिनका स्कोर कम होता है.
2/5अगर आपके ऊपर पहले से ज्यादा लोन (High Debt-to-Income Ratio) है, तो बैंक नया लोन देने से बचते हैं. जब आपकी इनकम का बड़ा हिस्सा ईएमआई (EMI) में चला जाता है, तो बैंक मान लेते हैं कि आपके पास नया लोन चुकाने की क्षमता नहीं बचेगी. इसीलिए बेहतर है कि पुराने लोन कम करने के बाद ही नया लोन अप्लाई करें.
3/5अगर आपकी सैलरी (Income Level) बहुत कम है तो बैंक यह मान सकते हैं कि आप लोन की ईएमआई समय पर नहीं चुका पाएंगे. इस वजह से लोन रिजेक्शन की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए कोशिश करें कि आपकी इनकम स्थिर और पर्याप्त हो ताकि लोन अप्रूवल आसान हो सके.
4/5कई बार लोग अपनी इनकम से कहीं ज्यादा अमाउंट (Loan Amount) का लोन अप्लाई कर देते हैं. ऐसी स्थिति में बैंक को लगता है कि इतनी बड़ी रकम चुकाना आपके लिए मुश्किल होगा. इसलिए हमेशा अपनी इनकम और रीपेमेंट कैपेसिटी के हिसाब से ही लोन अमाउंट तय करें.
5/5कभी-कभी मामूली चीजें भी लोन रिजेक्शन (Miscellaneous Reasons) की वजह बन जाती हैं. जैसे आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, आपने पिछले सालों में ITR फाइल नहीं किया या आपकी उम्र लोन लेने की सीमा से ऊपर है. ऐसी छोटी गलतियों से भी बैंक आपकी एप्लिकेशन रिजेक्ट कर सकता है. इसलिए अप्लाई करने से पहले सभी जरूरी डॉक्युमेंट्स और डिटेल्स चेक कर लें.