Sweep In FD: सेविंग बैंक अकाउंट (Savings Bank Account) तो लगभग हर किसी के पास होता है, लेकिन अधिकतर लोग उसका इस्तेमाल सिर्फ पैसे रखने के लिए करते हैं. कई लोग तो अपने इस अकाउंट में काफी सारे पैसे यूं ही छोड़ देते हैं, जिस पर उन्हें हर महीने महज 2-3 फीसदी का ही ब्याज (Interest Rate) मिलता है. अब सोचिए, अगर उसी अकाउंट में आपको 6-7% तक का ब्याज मिलने लगे तो कैसा रहेगा? आइए जानते हैं ये कैसे मुमकिन होगा.
1/18क्या आप जानते हैं कि आपके सेविंग बैंक खाते में रखे पैसे पर भी आपको 6-7% तक ब्याज मिल सकता है? इसके लिए आपको बस अपने बैंक में 'Sweep-in FD' सुविधा को एक्टिवेट कराना होगा.
2/18यह एक ऑटोमैटिक सुविधा है. इसमें आपके सेविंग्स अकाउंट में एक तय सीमा से ज्यादा जो भी पैसा होता है, बैंक उसे अपने आप (Automatically) एफडी में बदल देता है, जिससे आपको ज्यादा मुनाफा मिलता है.
3/18इस सुविधा के लिए आपको एक लिमिट तय करनी होती है. उदाहरण के लिए, अगर आपने 25,000 रुपये की लिमिट रखी है और खाते में 30,000 रुपये आ गए, तो ऊपर के 5,000 रुपये खुद-ब-खुद एफडी बन जाएंगे.
4/18आमतौर पर सेविंग्स अकाउंट पर बैंक सिर्फ 2-3% ब्याज देते हैं. लेकिन Sweep-in FD एक्टिवेट होने पर आपको उसी पैसे पर एफडी की दर से ब्याज मिलता है, जो करीब 6% से 7% तक हो सकता है.
5/18बैंक एक न्यूनतम एफडी राशि (जैसे 5,000 रुपये) और एक न्यूनतम समय (जैसे 15 दिन) तय करता है. इसका मतलब है कि अतिरिक्त पैसा कम से कम उतने दिनों के लिए एफडी में रहना चाहिए.
6/18अगर आपको अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाए, तो आप अपनी एफडी तोड़ सकते हैं. हालांकि, मैच्योरिटी से पहले पैसे निकालने पर बैंक आमतौर पर 1% तक की पेनाल्टी काटता है.
7/18पैसा निकालने के लिए बैंक दो विकल्प देता है. FIFO (First In First Out) में आपकी सबसे पुरानी एफडी पहले तोड़ी जाती है. यह उन लोगों के लिए अच्छा है जो महीने के अंत तक अपना पूरा पैसा खर्च कर देते हैं.
8/18LIFO (Last In First Out) विकल्प में सबसे हाल ही में बनी एफडी पहले तोड़ी जाती है. यह उनके लिए बेहतर है जो अपनी पुरानी एफडी को लंबे समय तक रखकर ज्यादा ब्याज कमाना चाहते हैं.
9/18यह सुविधा उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिनके खाते में पैसा कुछ समय (2-3 महीने) के लिए पड़ा रहता है. बार-बार पैसे निकालने और एफडी तोड़ने वालों को इसका ज्यादा फायदा नहीं मिल पाता.
10/18आप इसे घर बैठे इंटरनेट बैंकिंग या बैंक के टोल-फ्री नंबर पर कॉल करके शुरू कर सकते हैं. अगर आप चाहें तो अपनी बैंक शाखा (Branch) जाकर भी एक फॉर्म भरकर इसे एक्टिवेट करा सकते हैं. वहां जाकर आपको बस इतना बोलना होगा कि मेरे अकाउंट पर स्वीप इन एफडी एक्टिवेट कर दो.
11/18आज के समय में लगभग हर व्यक्ति के पास सेविंग्स अकाउंट (Savings Account) होता है. ज्यादातर लोग इसे सिर्फ पैसे रखने की जगह समझते हैं, लेकिन असल में इसका इस्तेमाल कई और कामों के लिए भी होता है. आइए जानते हैं सेविंग्स अकाउंट से जुड़ी 7 जरूरी बातें और फायदे, जो हर अकाउंट होल्डर को पता होने चाहिए.
12/18सेविंग्स अकाउंट में आप अपने पैसे सुरक्षित रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर कभी भी निकाल सकते हैं. घर में नकद पैसे रखने पर चोरी या खोने का खतरा रहता है, जबकि बैंक में जमा पैसा ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.
13/18सेविंग्स अकाउंट की मदद से आप किसी को भी पैसे भेज सकते हैं और अपने खाते में पैसे मंगा भी सकते हैं. ऑनलाइन ट्रांसफर, यूपीआई और मोबाइल बैंकिंग के कारण यह काम अब कुछ मिनटों में हो जाता है.
14/18बिजली, पानी, मोबाइल, इंटरनेट, किराया या ऑनलाइन शॉपिंग जैसे कई भुगतान सेविंग्स अकाउंट से किए जा सकते हैं. इसके लिए आप नेट बैंकिंग, यूपीआई, डेबिट कार्ड या चेक का इस्तेमाल कर सकते हैं.
15/18बैंक अकाउंट का स्टेटमेंट देखकर आप आसानी से जान सकते हैं कि आपके खाते में कब पैसा आया और कब खर्च हुआ. इससे खर्चों को समझने और भविष्य की प्लानिंग करने में मदद मिलती है.
16/18सेविंग्स अकाउंट में रखे पैसे पर बैंक ब्याज भी देता है. हालांकि, यह ब्याज ज्यादा नहीं होता और आमतौर पर 2% से 4% के बीच होता है, लेकिन घर में पैसे रखने से बेहतर है कि बैंक में रखें और थोड़ा ब्याज भी मिल जाए.
17/18अगर आपको पता है कि कुछ पैसा लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं करना है, तो उसी पैसे से फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कर सकते हैं. एफडी में सेविंग्स अकाउंट की तुलना में ज्यादा ब्याज मिलता है. हालांकि समय से पहले एफडी तोड़ने पर बैंक चार्ज ले सकता है.
18/18सेविंग्स अकाउंट से मिलने वाला ब्याज टैक्स के दायरे में आता है. आपको कितना टैक्स देना होगा, यह आपके टैक्स स्लैब पर निर्भर करता है. इनकम टैक्स के सेक्शन 80TTA के तहत सेविंग्स अकाउंट से मिलने वाले ब्याज पर पुरानी टैक्स व्यवस्था में 10,000 रुपये तक की छूट मिलती है. हालांकि, नई टैक्स वयवस्था में कोई छूट नहीं मिलती है.