कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते देशभर में (Lockdown) किया गया है. लॉकडाउन के चलते बड़ी संख्या में लोग मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल कर रहे है. देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने खाताधारकों को मैसेज भेज कर अलर्ट किया है. बैंक की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक ठग इनकम टैक्स रिफंड का मेसेज भेज कर ठगी का प्रयास कर रहे हैं.
1/5SBI ने अपने ग्राहकों को ट्वीट करके जानकारी दी है कि अगर किसी ग्राहक को आयकर विभाग से कोई भी संदेश प्राप्त हुआ है, जिसमें आप से इनकम टैक्स रिफंड के लिए कोई प्रोसेस को फॉलो किया गया हो तो उस मेसेज पर ध्यान न दें. इस मैसेज के लिए आपके साथ ठगी का प्रयास हो सकता है. एसबीआई ने ग्राहकों से कहा है कि ऐसे संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करें और न ही किसी के साथ कोई व्यक्तिगत जानकारी साझा करें.
2/5आयकर विभाग (Income Tax Department) और केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने टैक्स पेयर्स को अलर्ट किया है कि वे किसी फर्जी लिंक पर क्लिक करके जल्दी रिफंड पाने के झांसे में न आएं. टैक्स डिपार्टमेंट ने कहा है कि लॉकडाउन (Lockdown) के कठिन समय में सरकार ने कारोबारों को मदद करने के लिए फौरान टैक्स रिफंड का जब से फैसला लिया है, तब से ऐसे फर्जी मैसेज आ रहे हैं. ऐसे मैसेज के झांसे में आना टैक्सपेयर्स को भारी पड़ सकता है.
3/5सीबीआईसी (CBIC) ने अपने एक ट्वीट में कहा, "टैक्सपेयर्स सावधान!!! कृपया ऐसे किसी भी लिंक पर क्लिक न करें, जो रिफंड देने का वादा करता हो. ये फर्जी मैसेज हैं और सीबीआईसी या एटइंफोसिस अंडरस्कोर जीएसटीएन से नहीं भेजे गए हैं. जीएसटी से जुड़ी ऑनलाइन फाइलिंग के लिए gst.gov.in पर जाएं."
4/5जीएसटीएन नेटवर्क (GSTN) ने भी करदाताओं (Taxpayers) को आगाह करते हुए ट्वीट किए थे और वेबसाइट ऑनलाइनफाइलिंगइंडिया डॉट इन को सबस्क्राइब न करने के लिए कहा था, जिसे करदाताओं से निजी जानकारी हासिल करने के लिए सर्कुलेट किया जा रहा है.
5/5जीएसटीएन ने कहा है कि ऐसे फर्जीवाड़े देखने को मिले हैं, जिसमें कुछ फर्जी लोग जीएसटीएन द्वारा तैयार एक पोर्टल के जरिए टैक्सपेयर्स की डिटेल की फौरन प्रॉसेसिंग करने का दावा कर रहे हैं. यह करदाताओं की निजी जानकारी और बैंक डिटेल हासिल करने के लिए उन्हें प्रलोभन देने की कोशिश कर रही है. किसी भी ऐसे संदेश, मेल और वेबसाइट का जवाब न दें, जिसमें आपके निजी विवरण मांगे जाएं."