Savings Account Tips: आज के समय में लगभग हर व्यक्ति के पास सेविंग्स अकाउंट (Savings Account) होता है. ज्यादातर लोग इसे सिर्फ पैसे रखने की जगह समझते हैं, लेकिन असल में इसका इस्तेमाल कई और कामों के लिए भी होता है. आइए जानते हैं सेविंग्स अकाउंट से जुड़ी 7 जरूरी बातें और फायदे, जो हर अकाउंट होल्डर को पता होने चाहिए.
1/16सेविंग्स अकाउंट में आप अपने पैसे सुरक्षित रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर कभी भी निकाल सकते हैं. घर में नकद पैसे रखने पर चोरी या खोने का खतरा रहता है, जबकि बैंक में जमा पैसा ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.
2/16सेविंग्स अकाउंट की मदद से आप किसी को भी पैसे भेज सकते हैं और अपने खाते में पैसे मंगा भी सकते हैं. ऑनलाइन ट्रांसफर, यूपीआई और मोबाइल बैंकिंग के कारण यह काम अब कुछ मिनटों में हो जाता है.
3/16बिजली, पानी, मोबाइल, इंटरनेट, किराया या ऑनलाइन शॉपिंग जैसे कई भुगतान सेविंग्स अकाउंट से किए जा सकते हैं. इसके लिए आप नेट बैंकिंग, यूपीआई, डेबिट कार्ड या चेक का इस्तेमाल कर सकते हैं.
4/16बैंक अकाउंट का स्टेटमेंट देखकर आप आसानी से जान सकते हैं कि आपके खाते में कब पैसा आया और कब खर्च हुआ. इससे खर्चों को समझने और भविष्य की प्लानिंग करने में मदद मिलती है.
5/16सेविंग्स अकाउंट में रखे पैसे पर बैंक ब्याज भी देता है. हालांकि, यह ब्याज ज्यादा नहीं होता और आमतौर पर 2% से 4% के बीच होता है, लेकिन घर में पैसे रखने से बेहतर है कि बैंक में रखें और थोड़ा ब्याज भी मिल जाए.
6/16अगर आपको पता है कि कुछ पैसा लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं करना है, तो उसी पैसे से फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कर सकते हैं. एफडी में सेविंग्स अकाउंट की तुलना में ज्यादा ब्याज मिलता है. हालांकि समय से पहले एफडी तोड़ने पर बैंक चार्ज ले सकता है.
7/16सेविंग्स अकाउंट से मिलने वाला ब्याज टैक्स के दायरे में आता है. आपको कितना टैक्स देना होगा, यह आपके टैक्स स्लैब पर निर्भर करता है. इनकम टैक्स के सेक्शन 80TTA के तहत सेविंग्स अकाउंट से मिलने वाले ब्याज पर पुरानी टैक्स व्यवस्था में 10,000 रुपये तक की छूट मिलती है. हालांकि, नई टैक्स वयवस्था में कोई छूट नहीं मिलती है.
8/16जब भी बैंक अकाउंट की बात होती है, तो ज्यादातर लोगों के दिमाग में सिर्फ सेविंग्स अकाउंट और करंट अकाउंट का ही ख्याल आता है. लेकिन हकीकत ये है कि सेविंग्स अकाउंट भी कई तरह के होते हैं, जो अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं. अगर सिर्फ देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी SBI की ही बात करें तो इसमें 8 तरह के सेविंग्स अकाउंट उपलब्ध हैं.
9/16ये SBI का सबसे आम और ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला सेविंग्स अकाउंट है. इसमें आपको नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, SMS अलर्ट, एटीएम-डेबिट कार्ड, चेकबुक और लॉकर जैसी सुविधाएं मिलती हैं. सैलरी पाने वाले या रोजमर्रा के बैंकिंग काम करने वालों के लिए ये खाता सबसे ज्यादा उपयोगी होता है.
10/16ये खाता उन लोगों के लिए है जिनके पास पूरे KYC डॉक्यूमेंट्स नहीं हैं. 18 साल से ज्यादा उम्र का कोई भी व्यक्ति ये खाता खुलवा सकता है. इसमें मिनिमम बैलेंस की कोई शर्त नहीं होती, लेकिन इसमें अधिकतम 50,000 रुपये तक ही जमा रखे जा सकते हैं. KYC पूरा होने के बाद इस खाते को रेगुलर सेविंग्स अकाउंट में बदला जा सकता है.
11/16ये एक खास तरह का सेविंग्स अकाउंट है जो MOD यानी मल्टी ऑप्शन डिपॉजिट से जुड़ा होता है. इसमें तय लिमिट से ज्यादा बैलेंस होने पर अतिरिक्त रकम अपने आप FD में बदल जाती है. इससे आपको सेविंग्स अकाउंट की सुविधा के साथ FD जैसा ज्यादा ब्याज भी मिलता है. ज्यादा बैलेंस रखने वालों के लिए ये खाता फायदेमंद होता है.
12/16SBI बच्चों के लिए दो तरह के अकाउंट ऑफर करता है – पहला कदम और पहली उड़ान. पहला कदम अकाउंट माता-पिता या गार्जियन के साथ जॉइंट में खुलता है. वहीं पहली उड़ान अकाउंट 10 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों के लिए होता है, जिसे बच्चा खुद ऑपरेट कर सकता है. बच्चों में बचत की आदत डालने के लिए ये अकाउंट अच्छा विकल्प है.
13/16अगर आप बैंक ब्रांच जाने का झंझट नहीं चाहते, तो SBI वीडियो KYC के जरिए भी सेविंग्स अकाउंट खोलने की सुविधा देता है. आधार कार्ड और पैन कार्ड की मदद से YONO ऐप या इंटरनेट बैंकिंग के जरिए घर बैठे खाता खोला जा सकता है.
14/16ये एक जीरो बैलेंस अकाउंट है. इसमें मिनिमम बैलेंस रखने की कोई जरूरत नहीं होती और मैक्सिमम बैलेंस की भी कोई लिमिट नहीं है. वैध KYC डॉक्यूमेंट्स वाले किसी भी भारतीय नागरिक के लिए ये खाता उपलब्ध है. कम आय वाले लोगों को बिना चार्ज के बैंकिंग सुविधा देने के लिए ये अकाउंट बनाया गया है.
15/16ये खास अकाउंट मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल यानी MACT के मुआवजे के भुगतान के लिए खोला जाता है. सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलने वाली रकम इसी खाते में जमा होती है. इसमें ब्याज, पासबुक, चेकबुक, एटीएम और इंटरनेट बैंकिंग जैसी सुविधाएं मिलती हैं.
16/16ये अकाउंट उन भारतीय निवासियों के लिए होता है जो विदेशी मुद्रा रखना चाहते हैं. इस खाते में ब्याज नहीं मिलता और ये मूल रूप से एक करंट अकाउंट की तरह काम करता है. इसमें चेकबुक या एटीएम कार्ड की सुविधा भी नहीं होती.