रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) ने चालू कारोबारी साल की अंतिम मौद्रिक नीति की समीक्षा में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा ने ज़ी बिज़नेस को बताया कि बाजार जो अनुमान लगाया था पॉलिसी के रिजल्ट वैसे ही आए हैं. जानकारों ने पहले ही अनुमान लगा लिया था कि इस बार की पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं होगा. साथ ही बग्गा ने कहा कि बाजार को जैसी उम्मीद थी क्रेडिट पॉलिसी वैसी ही आई है.
1/5आपको बता दें कि ब्याज दरों को 5.15 फीसदी पर बरकरार रखा. वहीं, रिवर्स रेपो रेट 4.90 फीसदी पर बरकरार है. इसके अलावा रिजर्व बैंक ने CRR 4 फीसदी और SLR 18.5 फीसदी पर बनाए रखा है. दिसंबर महीने की पॉलिसी में भी आरबीआई ने कोई बदलाव नहीं किया था.
2/5शक्तिकांता दास ने बताया कि मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) के सभी 6 सदस्य ब्याज दरों में कटौती न करने के पक्ष में थे. जनवरी-मार्च में CPI महंगाई दर अनुमान 6.5% रखा गया है. HY FY21 में GDP ग्रोथ दर 5.5-6% रहेगी. दास ने कहा कि अक्टूबर-दिसंबर, 2020 से महंगाई घटने का अनुमान है. कस्टम ड्यूटी बढ़ने से महंगाई में एकमुश्त बढ़ोतरी संभव है. इकोनॉमी में आगे भी कमजोरी के संकेत दिख रहे हैं.
3/5बता दें कि अब RBI की अगली पॉलिसी 3 अप्रैल 2020 को होगी. इस पॉलिसी में रीयल एस्टेट (Real Estate) सेक्टर के लिए बड़ी राहत का ऐलान हो सकता है. एमपीसी ने पॉलिसी का रुख अकोमेडेटिव बरकरार रखा है. यानी आगे ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बनी हुई है.
4/5बता दें कि सरकार ने रेपो रेट को 5.15 फीसदी पर बरकरार रखा है. इसके अलावा रिवर्स रेपो रेट 4.90 फीसदी रहेगा. वहीं, CRR 4 फीसदी और SLR 18.50 फीसदी रहेगा.
5/5आपको बता दें कि RBI ने 2019 की आखिरी समीक्षा में भी Repo रेट और रिवर्स रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया था. साल की आखिरी मॉनिटरी पॉलिसी में सभी 6 सदस्यों ने दरें नहीं घटाने के पक्ष में वोट किया था. हालांकि, उम्मीद थी कि ग्रोथ को सहारा देने के लिए रिजर्व बैंक रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर सकता है.