भारतीय रिजर्व बैंक ने गुरुवार को क्रेडिट पॉलिसी (RBI Monetary Policy) जारी कर दी. आरबीआई ने रेपो दर कोई बदलाव नहीं किया है. रिजर्व बैंक के गवर्नर ने इसके पीछे कई वजह बताई हैं.
1/7RBI ने रेपो रेट को 5.15 प्रतिशत पर बरकरार रखा है. यह लगातार दूसरी बार है जब शीर्ष बैंक ने रेपो दर (repo rate) को स्थिर रखा गया है. रिवर्स रेपो दर भी 4.90 फीसदी पर स्थिर हैं. रिजर्व बैंक ने फरवरी 2019 से अक्टूबर 2019 के दौरान रेपो दर में 1.35 प्रतिशत की कटौती की थी.
2/7आरबीआई ने आर्थिक वृद्धि दर 6 फीसदी रहने का अनुमान जारी किया है. रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति समिति की बैठक के नतीजों की घोषणा करते हुए कहा कि जब तक संभव है, वह नीतिगत रुख को उदार बनाये रखेगा.
3/7आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि आर्थिक वृद्धि के मुकाबले महंगाई की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए मौद्रिक नीति समिति को लगता है कि वर्तमान स्थिति में कोई छेड़ाछाड़ न की जाए और उसे यथावत रखा जाना चाहिये.
4/7शक्तिकांत दास ने आने वाले समय में महंगाई और बढ़ने की आशंका जाहिर की और मुद्रास्फीति के परिदृश्य को बेहद अनिश्चित बताया. मौद्रिक नीति के सभी छह सदस्यों ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया.
5/7शीर्ष बैंक के गर्वनर ने कहा कि आर्थिक गतिविधियां नरम बनी हुई हैं. उसने कहा कि निकट भविष्य में मुद्रास्फीति के उच्च बने रहने की आशंका है. उसने मुद्रास्फीति के परिदृश्य को बेहद अनिश्चित बताया.
6/7शक्तिकांत दास ने बताया कि रिजर्व बैंक के पास आर्थिक विकास दर तेज करने के उपाय हैं. इन पर समय आने पर विचार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा भंडार 5 फरवरी तक सालाना आधार पर 58 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि के साथ 471.8 अरब डॉलर पर पहुंच गया है.
7/7आरबीआई गवर्नर ने कहा कि सरकार के सुझावों के मुताबिक छोटे और मध्यम कारोबारियों के कर्ज की वन टाइम रिस्ट्रक्चरिंग की समय सीमा मार्च 2020 से बढ़ाकर दिसंबर 2020 तक करने का फैसला लिया गया है.