RBI dividend 2025: देश के केंद्रीय बैंक RBI ने FY25 के लिए भारत सरकार को रिकॉर्ड 2.69 लाख करोड़ रुपये डिविडेंड के रूप में देने का ऐलान किया है. RBI ने पिछले साल के मुकाबले इस साल सरकार को 27 फीसदी अधिक डिविडेंड देने का ऐलान किया है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि RBI के पास खुद पैसा कहां से आता है? और आखिर क्यों ये संस्था हर साल भारत सरकार को हज़ारों करोड़ रुपये का डिविडेंड देती है?
1/8RBI का मुख्य काम देश की मौद्रिक नीति तय करना, मुद्रा छापना, बैंकों को रेगुलेट करना और विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन करना है. RBI अलग सोर्स के जरिए अपनी कमाई करता है. जैसे-
2/8RBI भारत सरकार और कुछ विदेशी सरकारों के बॉन्ड्स में निवेश करता है, जिनसे उसे ब्याज की कमाई होती है.
3/8RBI जब डॉलर या दूसरी विदेशी मुद्राएं रखता है, तो उन्हें भी ब्याज पर लगाया जाता है.
4/8जब RBI रुपये की आपूर्ति नियंत्रित करता है या डॉलर बेचता-खरीदता है, तो उससे भी उसे लाभ होता है.
5/8वाणिज्यिक बैंकों से कुछ सेवाओं के लिए फीस भी RBI की आय का हिस्सा होती है.
6/8RBI एक नॉन-प्रॉफिट संस्था होते हुए भी जो मुनाफा कमाती है, उसका एक बड़ा हिस्सा भारत सरकार को ट्रांसफर कर देती है. इसे सरप्लस ट्रांसफर या डिविडेंड कहा जाता है.
7/8RBI हर साल भारत सरकार को यह डिविडेंड ट्रांसफर आर्थिक पूंजी ढांचे (ECF) के नियमों के तहत देता है, जिसे 2019 में बिमल जालान की समिति की सलाह पर अपडेट किया गया था. ECF के नए नियमों के मुताबिक, RBI को अपनी बैलेंस शीट का 4.5% से 7.5% हिस्सा जोखिम बफर के तौर पर रखना होगा. इसके बाद बची रकम सरकार को ट्रांसफर की जाएगी.
8/8इस रकम का इस्तेमाल सरकार अपनी खर्चों को पूरा करने, विकास कार्यों के लिए फंडिंग और राजकोषीय घाटा कम करने में करती है.