IOB MCLR Rates: सरकारी बैंक इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank) ने अपने ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है. पीएसयू बैंक (PSU Bank) ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR) में बढ़ोतरी का ऐलान किया है.
1/5सरकारी बैंक ने अपने 3 महीने, 6 महीने, एक साल और 2 साल की अवधि वाले लोन पर MCLR को 5 से 10 बेसिस प्वाइंट्स का इजाफा किया है. हालांकि, ओवरनाइट और एक महीने की अवधि वाले लोन पर ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. नई दरें 15 जनवरी 2025 से लागू होंगी.
2/5MCLR वह न्यूनतम दर होती है जिसके नीचे कोई भी बैंक ग्राहकों को लोन नहीं दे सकता है. दरअसल जब आप किसी बैंक से लोन लेते हैं तो बैंक द्वारा लिए जाने वाले ब्याज की न्यूनतम दर को आधार दर कहा जाता है. अब इसी आधार दर की जगह पर बैंक MCLR का इस्तेमाल कर रहे हैं.
3/5MCLR न्यूनतम दर है, ऐसे में ये साफ है कि बैंक इसके रेट के नीचे ग्राहकों को लोन नहीं दे सकते यानी MCLR जितना बढ़ेगा, लोन पर ब्याज भी उतना ही ऊपर जाएगा. ऐसे में मार्जिनल कॉस्ट से जुड़े लोन जैसे- होम लोन, व्हीकल लोन आदि पर ब्याज दरें बढ़ जाएंगी.
4/5ऐसा नहीं है कि MCLR बढ़ते ही अगले महीने से आपकी ईएमआई भी बढ़ जाएगी. यहां पर गौर करने वाली बात ये है कि MCLR रेट बढ़ने पर आपके लोन पर ब्याज दरें तुरंत नहीं बढ़ती हैं. लोन लेने वालों की EMI रीसेट डेट पर ही आगे बढ़ती है.
5/5इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) का शेयर शुक्रवार (10 जनवरी) को 4.01 फीसदी गिरकर 48.08 रुपये पर बंद हुआ. स्टॉक की परफॉर्मेंस देखें तो एक हफ्ते में यह 10%, एक महीने में 15% और 6 महीने ममें 26% तक टूट चुका है. हालांकि, इस साल शेयर ने निवेशकों को 12.57% का रिटर्न दिया है. जबकि पिछले 2 वर्ष में 62% और 3 वर्ष में 126% से ज्यादा रिटर्न दिया है.