जब अचानक पैसों की जरूरत पड़ती है, तो ज्यादातर लोग सबसे पहले अपनी सेविंग (Saving) का इस्तेमाल करने का सोचते हैं. आम धारणा है कि लोन (Loan) से जितना हो सके, बचना चाहिए. यह सोच बुरी नहीं है, लेकिन कुछ हालात में लोन लेना आपके लिए बेहतर और फायदेमंद साबित हो सकता है. अगर आप भी जरूरत पड़ने पर अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) यानी एफडी (FD) तोड़ने की सोच रहे हैं, तो जरा ठहरिए. कई बार एफडी तोड़ने के बजाय उस पर लोन लेना बेहतर होता है. आइए, इसे आसान भाषा में समझते हैं.
1/17मान लीजिए आपने 2 साल के लिए एफडी कर रखी है, जिस पर आपको 7% ब्याज मिल रहा है. ऐसे में अगर बैंक 1 साल की एफडी पर 6.5% ब्याज दे रहा है और आप बीच में एफडी तोड़ते हैं, तो आपको ब्याज दर में नुकसान होगा.
2/17अधिकतर बैंकों में समय से पहले एफडी तोड़ने पर करीब 1% पेनाल्टी लगती है. इसके अलावा कुछ बैंक अलग से फीस भी वसूलते हैं. पेनाल्टी के बाद आपकी एफडी पर मिलने वाला ब्याज घटकर लगभग 5.5% रह जाएगा, और अगर आपने बहुत जल्दी एफडी तोड़ी है तो यह दर और भी कम हो सकती है.
3/17एफडी पर लोन लेना, पर्सनल लोन से सस्ता पड़ता है. उदाहरण के लिए, अगर आपकी एफडी पर 7% ब्याज मिल रहा है, तो बैंक आपको उस पर सिर्फ 1.5%-2% अतिरिक्त ब्याज पर लोन दे देगा. यानी, आपको लगभग 8.5%-9% ब्याज दर पर लोन मिल सकता है, जो पर्सनल लोन से काफी कम है.
4/17भले ही एफडी पर लोन में ब्याज थोड़ा ज्यादा लगे, लेकिन इसका फायदा यह है कि आपकी एफडी सुरक्षित रहती है और अपनी पूरी अवधि तक जारी रहती है. इस तरह, आपके पास बचत भी रहती है और आप जरूरत के पैसे भी जुटा लेते हैं. लोन समय पर चुकाने के बाद आपकी एफडी पर मिलने वाला ब्याज भविष्य में मदद करेगा.
5/17अगर आपको एफडी राशि का सिर्फ 20-30% पैसा चाहिए या अगर आपकी एफडी को 6 महीने या 1 साल से ज्यादा हो गया है, तो उसे नहीं तोड़ना चाहिए. अगर आपकी एफडी जल्द ही मेच्योर होने वाली है और आपको रकम का 80-90% चाहिए, तो भी एफडी ना तोड़ें, बल्कि जरूरत के पैसे के लिए एफडी पर लोन लें.
6/17अगर एफडी को शुरू किए सिर्फ कुछ ही महीने हुए हैं या अगर आपको बहुत ज्यादा रकम की जरूरत है, तो एफडी तोड़ सकते हैं. अगर कम से कम 70% या उससे ज्यादा रकम चाहिए और एफडी की अवधि बहुत कम बची है, तभी एफडी तोड़ें, वरना लोन ले लें.
7/17अगर आप एफडी कराते हैं तो उससे आपको कई फायदे होते हैं. बहुत सारे लोग कम ब्याज दर देखकर एफडी के बजाय म्यूचुअल फंड ये शेयर बाजार में पैसा लगाना पसंद करते हैं. आइए जानते हैं एफडी के 10 फायदों के बारे में.
8/17FD में आपको शुरुआत में ही तय ब्याज दर मिलती है, जो पूरे समय तक नहीं बदलती. बाज़ार के उतार-चढ़ाव का असर आपके ब्याज पर नहीं पड़ता.
9/17FD को बैंक और सरकार का भरोसा मिलता है, इसलिए यह शेयर या म्यूचुअल फंड जैसे जोखिम भरे निवेश की तुलना में ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.
10/17FD में आपका मूल पैसा (Principal) सुरक्षित रहता है. यहां आपका निवेश खत्म होने या घाटा होने का डर नहीं होता.
11/17आप FD की अवधि 7 दिन से लेकर 10 साल तक चुन सकते हैं. इससे आपको अपने फंड के हिसाब से लचीलापन मिलता है.
12/17सीनियर सिटीजन को FD पर सामान्य दर से ज्यादा ब्याज मिलता है, जिससे उनकी रिटायरमेंट इनकम बढ़ जाती है.
13/17आप मासिक, तिमाही, वार्षिक या मैच्योरिटी पर ब्याज ले सकते हैं. इससे आपको अपनी ज़रूरत के हिसाब से कैश फ्लो मिलता है.
14/175 साल की टैक्स-सेविंग FD में निवेश करके आप आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स बचा सकते हैं.
15/17जरूरत पड़ने पर आप FD को तोड़े बिना उस पर लोन ले सकते हैं, जिससे आपको तुरंत नकदी मिल सकती है.
16/17FD में निवेश के लिए बहुत ज्यादा पैसा नहीं चाहिए. कई बैंक ₹1000 से भी FD खोलने की सुविधा देते हैं.
17/17FD में आपको पता होता है कि मैच्योरिटी पर कितनी रकम मिलेगी. इससे फाइनेंशियल प्लानिंग आसान हो जाती है.