पर्सनल लोन (Personal Loan) बेशक आसानी से मिल जाता है, लेकिन काफी महंगा पड़ता है. इसकी ब्याज दरें काफी ज्यादा होती हैं क्योंकि ये अनसिक्योर्ड लोन की कैटेगरी में आता है. इसके लिए किसी तरह की सिक्योरिटी जमा नहीं करनी होती. इसके तमाम फीचर्स के चलते पर्सनल लोन की डिमांड महंगा होने के बावजूद अच्छी खासी होती है. हालांकि कई बार लोग पर्सनल लोन ले तो लेते हैं, लेकिन बाद में इसकी भारी-भरकम EMI के चलते इसे चुकाना बहुत मुश्किल लगता है. अगर आपके साथ भी ऐसा कुछ है तो 1 डिसीजन लेकर आप अपना फायदा करा सकते हैं. इससे आपका ब्याज फटाक से कम होगा और ब्याज कम होने के कारण किस्त भी कम हो जाएगी. इससे आपको काफी राहत मिल जाएगी और बैंक इस मामले में कुछ नहीं कर पाएगा. यहां जानिए इसके बारे में.
1/5आपको जो डिसीजन लेना है, वो है बैलेंस ट्रांसफर (Personal Loan Balance Transfer). बैलेंस ट्रांसफर एक ऐसा तरीका है जिसके जरिए आप अपने रनिंग लोन को एक बैंक से दूसरे बैंक में ट्रांसफर करवा सकते हैं. ये ग्राहक का अपना डिसीजन होता है, इसके लिए बैंक आपको रोक नहीं सकते. नीचे की स्लाइड्स में जानिए क्या हैं बैलेंस ट्रांसफर के फायदे-
2/5ज्यादातर लोग लोन की बढ़ी हुई ब्याज दरों से राहत पाने के लिए ये फैसला लेते हैं. अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है तो दूसरे बैंक बहुत आसानी से आपको मौजूदा इंट्रेस्ट रेट के मुकाबले सस्ता लोन ऑफर कर देते हैं. ब्याज दर कम होने से आपकी ईएमआई भी कम हो जाती है.
3/5बैलेंस ट्रांसफर सुविधा का इस्तेमाल करके उधारकर्ता अपने मौजूदा पर्सनल लोन की अवधि को रीसेट कर सकते हैं. वे अपने लोन की शेष अवधि की तुलना में लंबी अवधि का विकल्प चुन सकते हैं. अवधि लंबी होने से भी ईएमआई छोटी हो जाती है. हालांकि इसकी वजह से उधारकर्ता को अधिक ब्याज का भुगतान करना पड़ सकता है. वहीं अगर लोन से जल्द छुटकारा पाना है तो अवधि को छोटा भी करवा सकते हैं. हालांकि इसमें उन्हें EMI ज्यादा देना पड़ सकती है.
4/5तीसरा फायदा टॉप अप लोन का है. कई बैंक अपने मौज़ूदा पर्सनल लोन को ट्रांसफर करने वालों को टॉप-अप पर्सनल लोन की सुविधा भी देते हैं. इसका मतलब है कि आप न केवल अपने पुराने लोन को कम ब्याज दर पर ट्रांसफर कर सकते हैं, बल्कि उसी प्रक्रिया में टॉप-अप लोन भी ले सकते हैं, इससे आपको अतिरिक्त धनराशि मिल जाएगी.
5/5पर्सनल लोन बैलेंस ट्रांसफर के लिए नए बैंक में कोई कौलटैरल जमा करने की जरूरत नहीं होती है. लेकिन इसके लिए आपको अपने मौजूदा बैंक को फोरक्लोजर फीस और लोन ट्रांसफर शुल्क का भुगतान करना पड़ता है. इसके अलावा नया बैंक जहां पर आप अपने लोन को ट्रांसफर करवा रहे हैं, वहां आपको स्टाम्प ड्यूटी के साथ लोन प्रोसेसिंग फीस और अन्य फीस देनी पड़ सकती है, जो आमतौर पर नए पर्सनल लोन के लिए आवेदन करते समय वसूली जाती है.