भारत फिलहाल डिजिटल पेमेंट सिस्टम की तरफ बढ़ रहा है. सरकार की कोशिश है कि भारत की इकोनॉमी को डिजिटल किया जाए. नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को लेकर काफी जागरूक किया है. इस प्लेटफॉर्म के जरिये लोग फंड ट्रांसफर एक बैंक अकाउंट से दूसरे बैंक अकाउंट में आसानी से करते हैं. यह एक क्विक सर्विस है जिसमें बैंक डीटेल और दूसरी जानकारियां देने की जरूरत नहीं पड़ती है. यूजर एक यूपीआई (Unified Payment Interface) प्लेटफॉर्म पर कई बैंक अकाउंट ऑपरेट कर सकता है. लेकिन आजकल साइबर अटैक और फर्जीवाड़ा भी काफी बढ़ते जा रहे हैं. ऐसे में आपको खास सावधानियां बरतनी चाहिए, ताकि आप फंड ट्रांसफर (fund transfer) में धोखाधड़ी से दूर रह सकें.
2/5अगर आपको किसी तरह के ईमेल का जवाब देना हो तो हमेशा अपने बैंक के ऑफिशियल डोमेन या थर्ड पार्टी ऐप से ही दें. इस बात का खास ध्यान रखें कि आप ईमेल से मांगी गई जानकारी या सूचना किसे (ऑथेन्टिक आईडी होनी चाहिए) दे रहे हैं. (पिक्साबे)
3/5पेमेंट से जुड़े कई ऐसे ऐप हैं जो आपको स्पैम नंबर को लेकर सतर्क करते रहते हैं. अगर आप किसी अज्ञात अकाउंट से पेमेंट रिक्वेस्ट रिसीव करते हैं तो आपको स्पैम वॉर्निंग पर खास तौर पर नजर रखनी चाहिए. (रॉयटर्स)
4/5अगर आपको किसी संदिग्ध अकाउंट का आभाष होता है तो आप अपने बैंक को इस बात की जानकारी तुरंत दें. साथ ही इस तरह के अकाउंट को स्पैम के तौर पर मार्क करें. (रॉयटर्स)
5/5हमेशा जाने-माने ऑनलाइन मर्चेंट या ब्रांड या पोर्टल या मार्केटप्लेस से खरीदारी करें. जब आप विश्वसनीय ई-कॉमर्स से ट्रांजेक्शन करते हैं तो आपका पेमेंट सुरक्षित होता है. इसके अलावा आप इनसे किसी तरह की शिकायत भी कर सकते हैं. इसलिए पेमेंट के समय सही प्लेटफॉर्म का खास ख्याल रखें. (रॉयटर्स)