5 कंपनियों में काम करते हुए 5 बैंक अकाउंट खोल लिए? पुराने अकाउंट बंद नहीं किए. नतीजा- एक अकाउंट से धोखाधड़ी हो गई. ऐसा आपके साथ भी हो सकता है. अगर आपके पास एक से ज्यादा बैंक अकाउंट हैं तो यह फायदे से ज्यादा नुकसान कर सकता है. जानिए कैसे आपके CIBIL स्कोर से लेकर इनकम टैक्स तक पर इसका असर पड़ता है.
1/8हर बैंक में अकाउंट मेंटेन रखने के लिए न्यूनतम बैलेंस जरूरी होता है. कई अकाउंट में बैलेंस बनाए रखना मुश्किल होता है, जिससे पैसा फंसता है और रिटर्न भी बहुत कम मिलता है.
2/8कई अकाउंट्स पर सालाना मेंटनेंस फीस, डेबिट/क्रेडिट कार्ड चार्ज और अन्य बैंकिंग सर्विस चार्ज लगते हैं। बिना यूज के भी पैसे कट सकते हैं.
3/8इनएक्टिव या मिनिमम बैलेंस न मेंटेन करने वाले अकाउंट्स से बैंक आपकी फाइनेंशियल हेल्थ पर निगेटिव इम्प्रेशन डालते हैं. इससे CIBIL स्कोर नीचे आ सकता है.
4/8कई बैंक अकाउंट होने से ITR फाइल करते समय सभी अकाउंट्स की डिटेल देनी होती है. अगर डिक्लेयर नहीं किया, तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की नजर में आ सकते हैं.
5/8जो अकाउंट आप सालों से यूज नहीं कर रहे हैं, वे डॉर्मेंट हो जाते हैं. ऐसे अकाउंट हैकिंग और फ्रॉड के लिए आसान टारगेट बनते हैं.
6/8अगर तीन महीने तक सैलरी क्रेडिट नहीं हुई तो सैलरी अकाउंट खुद ब खुद सेविंग अकाउंट में बदल जाता है. फिर बैंक न्यूनतम बैलेंस नियम लागू कर देता है.
7/8जितने अकाउंट का सही से संचालन कर सकें, उतने ही अकाउंट रखें. फालतू अकाउंट बंद कराएं ताकि मिनिमम बैलेंस, चार्जेस और धोखाधड़ी से बचा जा सके.
8/8ज्यादा बैंक अकाउंट सिर्फ झंझट बढ़ाते हैं. CIBIL स्कोर अच्छा बनाए रखना है और टैक्स झमेले से बचना है तो बैंकिंग को सिंपल रखें और फालतू अकाउंट्स को खत्म करें.