Loan Against Property (LAP) एक सुरक्षित लोन होता है. इसमें आप अपनी किसी संपत्ति को गिरवी रखकर उसके बदले बैंक से कर्ज लेते हैं. बैंक आपकी इनकम, क्रेडिट हिस्ट्री और प्रॉपर्टी की मौजूदा वैल्यू वगैरह तमाम मापदंडों के आधार पर उधारकर्ता को ये लोन देते हैं. HDFC बैंक की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार LAP लेते समय आपको कुछ गलतियां कभी नहीं करनी चाहिए, वरना बाद में पछताना पड़ेगा. यहां जानिए इस बारे में-
1/5LAP के लिए लेंडर चुनने से पहले आपको थोड़ी मेहनत करनी चाहिए और लेंडर के ब्याज दरों की तुलना करनी चाहिए. उसके बाद उस लेंडर को चुनना चाहिए जो आपको कम इक्वेटेड मंथली इंस्टालमेंट (EMI) लिए किफायती दरें प्रदान करे.
2/5LAP की अवधि बहुत महत्वपूर्ण होती है. आप अपने हिसाब से कितनी लंबी अवधि चुन सकते हैं, ये सोचकर लोन का टेन्योर न चुनें. अगर आप जल्दी लोन चुका सकते हैं तो छोटी अवधि का चुनाव करें. छोटी अवधि पर कम ब्याज राशि देनी पड़ती है.
3/5लोन लेते समय तमाम लोग उन नियम व शर्तों को नहीं पढ़ते जिसके तहत उन्हें LAP दिया जाता है. ऐसा नहीं करना चाहिए, वरना बाद में आपके लिए मुश्किल हो सकती है.
4/5प्रॉपर्टी पर लोन को प्रोसेस करने में समय लगता है क्योंकि लोन मंजूर होने से पहले लेंडर को आपकी प्रॉपर्टी वैल्यू के मूल्यांकन के लिए समय की जरूरत होती है. ऐसे में सलाह दी जाती है कि लेंडर द्वारा लोन अप्रूव करने और डिस्बर्स करने में लगने वाले समय के बारे में आपको पता कर लेना चाहिए, ताकि आप अपने फंड की जरूरतों को लेंडर के डिस्बर्सल शिड्यूल से मैच कर सकें.
5/5LAP एक सिक्योर्ड लोन है, लेकिन फिर भी आपके लोन एप्लीकेशन को प्रोसेस करते समय आपके क्रेडिट स्कोर को ध्यान में रखा जाता है. हाई क्रेडिट स्कोर आपको आसान शर्तों पर लोन दिला सकता है और एप्लीकेशन के अप्रूवल की संभावना को भी बढ़ा देता है.