Bank minimum Balance Rule: देश के करोड़ों बैंक ग्राहकों के लिए राहत भरी खबर है. अब सेविंग्स अकाउंट में मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर भी कोई जुर्माना नहीं लगेगा, क्योंकि चार बड़े सरकारी बैंकों – इंडियन बैंक, SBI, केनरा बैंक और PNB ने मिनिमम एवरेज मंथली बैलेंस (AMB) चार्ज पूरी तरह से हटा दिए हैं. इस फैसले का सीधा फायदा उन ग्राहकों को मिलेगा जो अपने बैंक खातों में न्यूनतम राशि बनाए रखने में असमर्थ रहते थे. आइए जानते हैं इस बदलाव की पूरी डीटेल.
1/6SBI ने पहले ही साल 2020 में यह सुविधा दे दी थी, जहां ग्राहकों को अब अपने सेविंग्स अकाउंट में न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने की कोई आवश्यकता नहीं है. यह सुविधा सभी खातों के लिए लागू है.
2/6मई 2025 में केनरा बैंक ने भी यह घोषणा की कि वह अपने सभी सेविंग्स अकाउंट्स – चाहे वह रेगुलर हो, सैलरी अकाउंट हो या फिर एनआरआई सेविंग्स अकाउंट – के लिए AMB चार्ज खत्म कर रहा है.
3/6PNB ने भी अब सभी सेविंग्स अकाउंट्स पर मिनिमम बैलेंस की शर्त हटा दी है. पहले यहां ग्राहकों से जुर्माना वसूला जाता था जो शॉर्टफॉल की राशि पर आधारित होता था, यानी जितनी कम राशि, उतना ज्यादा जुर्माना. अब यह पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है.
4/6इंडियन बैंक ने हाल ही में घोषणा की है कि वह 7 जुलाई 2025 से सभी सेविंग्स अकाउंट्स पर मिनिमम बैलेंस चार्ज पूरी तरह से हटा रहा है. यह निर्णय सभी प्रकार के खातों पर लागू होगा.
5/6AMB (Average Monthly Balance) वह न्यूनतम औसत राशि होती है जिसे बैंक ग्राहक को अपने सेविंग्स अकाउंट में हर महीने बनाए रखना होता है. यदि अकाउंट में इससे कम बैलेंस होता है, तो बैंक पेनल्टी लगाते हैं. यह पेनल्टी अकाउंट के प्रकार और बैलेंस की कमी पर निर्भर करती है.
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