बैंकिंग की दुनिया में चेक (Cheque) का यूज आप भी बड़े रूप में किया जाता है. चेक एक दो नहीं बल्कि कई तरह के होते हैं और हर चेक की अपनी एक अलग पहचान और यूज होता है? जी हां अगर कभी भी आप बिना किसी जानकारी के कोई भी चेक जारी कर देते हैं, तो यह आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है. तो चलिए जानेंगे बैंक चेक कितने प्रकार के होते हैं और किसका क्या यूज है?
1/13यूपीआई (UPI), नेट बैंकिंग और मोबाइल वॉलेट भले ही मार्केट में आ गए हैं लेकिन बैंक चेक अभी भी अपनी अहमियत बनाए हुए है.असल में चेक का यूज बड़े लेनदेन, बिजनेस पेमेंट आदि के लिए खूब किया जाता है.आज भी लोगों के बीच पेमेंट के लिए चेक एक भरोसेमंद ऑप्शन होता है.लेकिन क्या आप जानते हैं कि चेक एक जैसा नहीं होता? जी हां आपको पता होना चाहिए कई तरह के चेक होते हैं और हर एक का यूज अलग होता है.
2/13जी हां आपको पता होना चाहिए कौन सा चेक कब इस्तेमाल करना है, किस चेक में क्या खतरा है, और कौन सा चेक आपके पैसे को 'सुरक्षा कवच' देता है. तो फिर चलिए, आज हम आपको बताएंगे कि कितने प्रकार के चेक होते हैं, तो चलिए इनके बारे में डिटेल्ड में जानेंगे.
3/13सीधे शब्दों में, चेक एक लिखित आदेश होता है जो आप (खाताधारक) अपने बैंक को देते हैं कि आपके खाते से एक निश्चित राशि किसी खास व्यक्ति या संस्था को, या फिर खुद आपको अदा की जाए. यह एक तरह का 'लिखित वादा' माना जा सकता है कि आपके खाते में उतने पैसे हैं।
4/13बेयरर चेक एक तरह का ऐसा चेक होता है जिसे कोई भी व्यक्ति बैंक से कैश में करवा सकता है.इस चेक पर चाहे उसका नाम चेक पर लिखा हो या नही. इसको "पेयेबल टू बेयरर" चेक भी कहते हैं.इस चेक का सबसे बड़ा खतरा यही है कि अगर यह कहीं खो जाए तो कोई भी इसका गलत इस्तेमाल कर सकता है.
5/13ऑर्डर चेक एक सेफ पेमेंट का ऑप्शन माना जाता है.इस चेक पर "Bearer" शब्द को काटकर "Or Order" लिखते हैं,या फिर यह पहले से ही प्रिंटेड होता है.इस चेक का यूज वही कर सकते हैं जिसका नाम चेक पर स्पष्ट रूप से लिखा होता है.असल में इस चेक में बैंक भुगतान करने से पहले लाभार्थी की पहचान की पूरी पुष्टि करता है.
6/13पक्रॉस्ड चेक एक बहुत ही सेफ पेमेंट ऑप्शन माना जाता है, जिसमें चेक के ऊपरी बाएं कोने पर दो तिरछी रेखाएं (//) खींच दी जाती हैं.इस तरह की चेक का भुगतान नकद में नहीं कर सकते, बल्कि इसकी राशि केवल उस व्यक्ति या संस्था के बैंक खाते में ही जमा होती है, जिसका नाम चेक पर दर्ज होगा. इससे फ्रॉड के चांस काफी कम हो जाते हैं.
7/13अकाउंट पेयी चेक को चेक भुगतान का सेफ ऑप्शन माना जाता है. इसमें चेक के ऊपर दो तिरछी रेखाओं के बीच "Account Payee" या "A/C Payee" लिखा होता है. इसमें साफ होता है कि यह रकम केवल उस व्यक्ति या संस्था के बैंक खाते में ही जमा होगी, जिसका नाम चेक पर होगा.इसको कभी किसी और के खाते में ट्रांसफर नहीं कर सकते हैं.
8/13पोस्ट-डेटेड चेक उसको कहते हैं जिस प्रिजेंट की डेट की जगह फ्यूचर की कोई फिक्स तारीख लिखी होती है.इस चेक का तब यूज होता है जब आप तय करते हैं कि फ्यूचर में किस डेट में इसका यूज किया जाएगा.बैंक भी इस चेक को तभी प्रोसेस करता है जब वह तारीख आ जाती है.इस तरह का चेक उधार भुगतान या किस्तों में लेन-देन के यूज करते हैं.
9/13स्टेल चेक वो होता है जिसकी वैधता खत्म हो चुकी होती है, यानी जिस पर लिखी गई तारीख से तीन महीने गुजर चुके होते हैं.बैंक ऐसे किसी भी चेक का कभी भुगतान नहीं करता है.आपको हमेशा स्टेल चेक से बचने के लिए समय सीमा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.
10/13एंटे-डेटेड चेक वह होता है जिस पर प्रिजेंट की डेट से पहले की कोई पुरानी तारीख लिखी होती है.इस चेक को पूरी तरह से वैलिड मानते हैं, लेकिन तब तक, जब तक कि वह तीन महीने से ज्यादा पुराना न हो जाए यानी स्टेल न बन जाए.इसका यूज अक्सर अक्सर पेमेंट की डेट को पीछे दिखाने के लिए किया जाता है, लेकिन इसकी वैधता की अवधि का ध्यान रखना जरूरी होता है.
11/13ट्रैवलिंग करने वाले अक्सर साथ में ढेर सारा कैश रखने की जगह इस चेक का इस्तेमाल करना पसंद करते है. ट्रैवर के दौरान यूज होने वाले इस चेक से जरूरत पड़ने पर इसकी मदद से बैंक से कैश निकालते हैं. खास बात ये है कि ये चेक कभी भी एक्सपायर नहीं होते हैं.
12/13बैंक बैंकर्स चेक, अकाउंट होल्डर की ओर से जारी करता है.इसको एक तरह का बैंक बैंक ड्राफ्ट मानते हैं जिसे डिमांड ड्राफ्ट भी कहते हैं. इस तरह के चेक का पेमेंट उसी शहर में करते हैं जहां यह इश्यू किया गया हो. सिंपल शब्दों में इस चेक से आप अपने शहर में किसी दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजे सकते हैं.
13/13अगर आप सभी आमतौर पर चेक का ही यूज करते हैं, तो फिर उसके प्रकारों को पहले से सही से समझना बेहद जरूरी होता है.क्योंकि चेक को लेकर आपकी की गई एक छोटी सी लापरवाही आपको बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है.