अगर आप कभी बैंक या किसी फाइनेंस कंपनी से लोन लेने जाते हैं, तो सबसे पहले आपका सिबिल स्कोर (CIBIL Score) चेक किया जाता है. अगर सिबिल स्कोर अच्छा है तो लोन आसानी से मिल जाता है, लेकिन अगर स्कोर खराब है तो दिक्कतें आ सकती हैं. कई बार गिरवी रखकर लोन तो मिल जाता है, लेकिन उसकी ब्याज दर (Interest Rate) ज़्यादा होती है. क्या आप जानते हैं सिबिल स्कोर कैलकुलेट कैसे होता है, जानिए.
1/5सिबिल स्कोर आपका क्रेडिट स्कोर (Credit Score) होता है, जो आपकी फाइनेंशियल हिस्ट्री का रिपोर्ट कार्ड जैसा है. यह स्कोर 300 से 900 के बीच होता है, जिसमें 750 या उससे ऊपर का स्कोर अच्छा माना जाता है. यानी, जितना बेहतर स्कोर होगा, लोन मिलने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है. आप अपने ट्रांजेक्शन को सही तरीके से करके इसे सुधार सकते हैं. लेकिन उससे पहले यह जानना ज़रूरी है कि आखिर सिबिल स्कोर कैलकुलेट (CIBIL Calculation) कैसे होता है. यह 4 मुख्य बातों पर आधारित होता है.
2/5सिबिल स्कोर बनाने में सबसे बड़ा रोल आपकी पेमेंट हिस्ट्री का होता है. इसमें देखा जाता है कि आपने अपने लोन या क्रेडिट कार्ड की ईएमआई समय पर चुकाई या नहीं. अगर देरी हुई तो कितनी बार और कितनी देर के लिए. साथ ही यह भी देखा जाता है कि आपने कितनी बार ईएमआई मिस की है. स्कोर की कैलकुलेशन में इसकी हिस्सेदारी करीब 30 फीसदी होती है.
3/5इसके बाद देखा जाता है कि आपके नाम पर कुल कितना लोन (Credit Limit) है और आपने उसमें से कितना हिस्सा इस्तेमाल किया है. इसे ही क्रेडिट एक्सपोजर कहा जाता है. अगर आप अपनी क्रेडिट लिमिट का ज़्यादा हिस्सा उपयोग करते हैं, तो सिबिल स्कोर पर इसका नेगेटिव असर पड़ता है. इस फैक्टर की हिस्सेदारी लगभग 25 फीसदी होती है.
4/5सिबिल स्कोर बनाते समय यह भी देखा जाता है कि आपके लोन किस टाइप के हैं—सेक्योर्ड (Secured) या अनसेक्योर्ड (Unsecured). अगर आपके पास ज़्यादातर सेक्योर्ड लोन (जैसे होम लोन, कार लोन) हैं, तो स्कोर अच्छा रहता है. इसके अलावा लोन की अवधि (Duration) भी महत्वपूर्ण होती है. जितनी पुरानी आपकी क्रेडिट हिस्ट्री होगी, उतना बेहतर माना जाता है. इस फैक्टर की हिस्सेदारी भी करीब 25 फीसदी रहती है.
5/5बाकी बचे 20 फीसदी स्कोर पर आपकी अन्य लोन एक्टिविटीज का असर पड़ता है. जैसे – आपने हाल में कितने नए लोन लिए हैं, कितने अकाउंट खुले या बंद हुए हैं, और आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो (Credit Utilization Ratio) कितना है. ध्यान रखें, यह रेश्यो 30-40 फीसदी से ज़्यादा नहीं होना चाहिए, वरना स्कोर गिर सकता है.