होम लोन रिजेक्ट हो जाना किसी भी इंसान के लिए बड़ा झटका हो सकता है, लेकिन ये सफर का अंत नहीं है. थोड़ी प्लानिंग और कुछ स्मार्ट कदम उठाकर आप बैंक की ‘न’ को ‘हां’ में बदल सकते हैं. यहां 7 आसान और असरदार तरीके बताए गए हैं जो आपकी फाइनेंस की चिंता को दूर कर सकते हैं और घर खरीदने का सपना सच कर सकते हैं.
1/7अगर आपकी इनकम कम है या CIBIL स्कोर मजबूत नहीं है, तो अकेले अप्लाई करने की बजाय को-एप्लीकेंट को साथ जोड़ें. जीवनसाथी, माता-पिता या बच्चों को शामिल करने से आपकी लोन चुकाने की क्षमता बढ़ती है. दो लोगों की कमाई बैंक को भरोसा दिलाती है और अप्रूवल के चांस कई गुना बढ़ जाते हैं.
2/7बैंक हमेशा लोन-टू-वैल्यू (LTV) रेशियो देखता है. ज्यादा डाउन पेमेंट देकर आप बैंक का रिस्क कम कर सकते हैं. कम लोन का मतलब है कम EMI, जिससे बैंक को लगेगा कि आप आसानी से किस्त चुका पाएंगे और लोन पास होना आसान हो जाएगा.
3/7होम लोन रिजेक्शन का सबसे बड़ा कारण खराब CIBIL स्कोर है. 750 से ऊपर का स्कोर सबसे अच्छा माना जाता है. EMI समय पर भरें, पुराने कर्ज चुकाएं और क्रेडिट रिपोर्ट की गलतियां सुधारें. स्कोर ठीक होते ही कुछ महीनों बाद दोबारा अप्लाई करें.
4/7बैंक आपका FOIR (Fixed Obligation to Income Ratio) चेक करता है. अगर ये 50% से ज्यादा है तो लोन रिजेक्ट हो सकता है. नए लोन के लिए अप्लाई करने से पहले छोटे कर्ज जैसे पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड के बकाया को चुकाएं.
5/7लंबी अवधि वाला लोन EMI को कम कर देता है. कम EMI का मतलब है आपकी मासिक आय में ज्यादा गुंजाइश, जिससे बैंक को भरोसा होता है कि आप लोन समय पर चुका देंगे. हालांकि, लंबी अवधि में कुल ब्याज ज्यादा देना पड़ सकता है.
6/7जिस बैंक में आपका सैलरी या सेविंग्स अकाउंट है, वहीं लोन के लिए अप्लाई करें. बैंक आपके वित्तीय रिकॉर्ड से पहले से वाकिफ होता है, इसलिए भरोसा करना आसान होता है. अच्छे पुराने ग्राहक को बैंक आसानी से लोन दे देता है.
7/7अगर बैंक से बार-बार रिजेक्शन मिल रहा है, तो नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) का दरवाजा खटखटाएं. NBFC के नियम थोड़े आसान होते हैं और कम क्रेडिट स्कोर पर भी लोन मिल सकता है. ध्यान रहे, ब्याज दरें बैंकों से ज्यादा हो सकती हैं.