होम लोन का बोझ कम करने के लिए ज्यादातर लोग जल्दी से जल्दी कर्ज चुकाने की सोचते हैं. बैंक भी प्रीपेमेंट की सुविधा देता है ताकि आप तय समय से पहले लोन चुका सकें. लेकिन जल्दी राहत पाने की ये कोशिश कई बार उल्टी पड़ सकती है. लेकिन प्रीपेमेंट के मामले में अगर कुछ बातों को नजरअंदाज किया तो फायदा नहीं, उल्टा नुकसान हो सकता है. जानिए वो 6 बातें जिन पर प्रीपेमेंट से पहले गौर करना जरूरी है.
1/6अपने हाउसिंग लोन के प्रीपेमेंट का फैसला लेने से पहले आपको ये पक्का करना चाहिए कि आपके पास घर की अन्य जरूरतें जैसे शादी, विदेश यात्रा, इमरजेंसी वगैरह को पूरा करने के लिए पर्याप्त पैसा है या नहीं. अगर आप जमा रकम से प्रीपेमेंट कर देंगे तो इन जरूरतों को पूरा करने के लिए कहीं और से उधार लेना पड़ेगा. ऐसे में आप अपने लिए मुश्किल और बढ़ा सकते हैं.
2/6प्रीपेमेंट की लागत की तुलना निवेश से मिलने वाले रिटर्न से भी की जानी चाहिए. अगर आपके पास होम लोन के ब्याज से ज्यादा रिटर्न कमाने के मौके हों, तो सरप्लस फंड को होम लोन प्रीपे करने में इस्तेमाल करने के बजाय उसका इन्वेस्टमेन्ट करना ज्यादा बेहतर होगा. चूंकि होम लोन लंबे समय का लोन होता है, ऐसे में बेहतर रिटर्न के लिए आप इक्विटी में लंबे समय के लिए निवेश कर सकते हैं. आप इक्विटी में जितने ज्यादा समय के लिए इन्वेस्टमेंट करेंगे, जोखिम उतना ही कम होता जाएगा.
3/6आप लोन के किस स्टेज में प्रीपेमेंट कर रहे हैं, ये बहुत मायने रखता है. होम लोन के शुरुआती स्टेज में EMI में ब्याज का हिस्सा सबसे अधिक होता है. ऐसे में अगर लोन के शुरुआती समय में ही प्रीपेमेंट कर देते हैं तो लाखों रुपए का इंटरेस्ट बच जाएगा. इससे आपकी EMI घट सकती है. लेकिन मिड-टू-लेट स्टेज में लोन्स के प्रीपेमेंट आपको ब्याज पर बचत का पूरा फायदा नहीं दे सकते. ऐसे में, सरप्लस फंड्स का इन्वेस्टमेन्ट करना ही समझदारी है.
4/6होम लोन पर ब्याज दर आमतौर पर पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड लोन जैसे अन्य लोन पर लगी ब्याज दर से कम होती है, इसलिए, अगर आप कर्ज कम करना चाहते हैं, तो ज्यादा ब्याज वाले लोन पहले चुकाना बेहतर है.
5/6आप हाउसिंग लोन के प्रिंसिपल अमाउंट की रीपेमेंट पर हर फाइनेंशियल ईयर में ₹1.50 लाख तक की टैक्स छूट क्लेम करने के हकदार हैं. आप हाउसिंग लोन पर चुकाए गए ब्याज पर भी टैक्स छूट ले सकते हैं. इसके अलावा, 'सभी के लिए आवास' पर सरकार के फोकस की वजह से हाउसिंग लोन पर टैक्स इंसेंटिव आने वाले समय में बढ़ सकते हैं. अगर आप अपने हाउसिंग लोन को प्रीपेमेंट के जरिए खत्म कर देते हैं तो आपको ये टैक्स बेनिफिट्स मिलने बंद हो जाएंगे; पार्ट प्रीपेमेंट करने पर टैक्स बेनिफिट कम हो जाएगा.
6/6प्रीपेमेंट की कॉस्ट समझने के बाद ही अपना होम लोन प्रीपे करने के फैसले पर विचार करें. आमतौर पर बैंक एडजस्टेबल रेट होम लोन पर कोई प्रीपेमेंट शुल्क नहीं लेते हैं, लेकिन फिक्स्ड रेट होम लोन पर प्रीपेमेंट शुल्क लिया जा सकता है. आप लोन प्रीपेमेंट करने से पहले अपने लेंडर से सभी टर्म एंड कंडीशन के बारे में जानें फिर लोन प्रीपेमेंट का फैसला लें. (नोट- ये जानकारी HDFC Bank की वेबसाइट से ली गई है.)