आज के दौर में अधिकतर लोग होम लोन लेकर ही अपना आशियाना खरीदते हैं. लोन लेते समय हमें लगता है कि आसानी से EMI देते रहेंगे, लेकिन कई बार जिंदगी में अचानक कोई आर्थिक संकट आ जाता है जैसे नौकरी चली जाए, कोई बीमारी आ जाए, तो अपनी सीमित आमदनी से EMI भरना मुश्किल हो सकता है. ऐसे में डर सताने लगता है कि अगर लोन नहीं चुका पाए तो क्या बैंक मकान छीन लेगा? क्या तुरंत घर की नीलामी हो जाएगी? अगर आपके भी मन में ऐसे सवाल हैं तो यहां समझ लीजिए अगर आप Home Loan की EMI नहीं चुका पाए तो बैंक क्या करता है, नीलामी कब होती है और आप इस बीच क्या कर सकते हैं.
1/7पहली EMI मिस होने पर बैंक एकदम से ग्राहक के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लेता क्योंकि वो उसे ग्राहक की चूक मान लेते हैं. जब ग्राहक दो महीने की EMI नहीं भरते, तो बैंक सबसे उन्हें रिमाइंडर भेजता है. ये एक चेतावनी होती है कि आपकी किस्तें बकाया हैं. बैंक चाहता है कि आप समस्या का समाधान करें.
2/7अगर उधारकर्ता लगातार 3 महीने (90 दिन) तक EMI नहीं भरते हैं, तो बैंक आपके लोन को NPA (Non Performing Asset) मान लेता है. इसके बाद उधारकर्ता को Loan Defaulter मान लिया जाता है.
3/7नहीं. बैंक पहले होम लोन डिफॉल्टर को एक कानूनी नोटिस भेजता है और 2 महीने (60 दिन) का समय देता है कि आप बकाया EMI चुका दें या समाधान करें. ये डिफॉल्टर के लिए सब कुछ ठीक करने का एक और मौका होता है. इस बीच आप चाहें तो बैंक से बातचीत कर सकते हैं, EMI को कम कराने या लोन को री-स्ट्रक्चर करने की बात कर सकते हैं.
4/7नहीं. NPA घोषित होने के बाद, नीलामी की पूरी प्रक्रिया में 6 से 7 महीने का समय लग सकता है. इस दौरान आप समाधान निकाल सकते हैं और प्रॉपर्टी को नीलाम होने से बचा सकते हैं.
5/7अगर इतनी मोहलत दिए जाने के बाद भी किसी भी तरह का समाधान नहीं निकलता, तो बैंक प्रॉपर्टी को कब्जे में ले लेता है और फिर उसका मूल्य तय करके नीलामी की तारीख और नियमों का नोटिस जारी करता है.
6/7अगर आपको लगता है कि प्रॉपर्टी का मूल्य कम लगाया गया है, या नीलामी प्रक्रिया ठीक नहीं है, तो आप बैंक या कोर्ट में इसे चुनौती दे सकते हैं.
7/7अगर आपकी प्रॉपर्टी बेचकर बैंक को उसका बकाया मिल गया और कुछ रकम बच गई, तो वो पैसा बैंक आपको लौटाता है. आप उस रकम पर पूरा हक रखते हैं.