आज के समय में हर किसी का एक सपना होता है कि उसका अपना खुद का घर हो, लेकिन जिस तरह से प्रॉपर्टी के दाम बढ़ रहे हैं घर खरीदना इतना आसान भी नहीं रह गया है लेकिन अगर आप कुछ टिप्स और ईएमआई कैलकुलेशन को समझेंगे तो आसानी से अपने लिए घर खरीद सकते हैं.तो जानेंगे अपना सपनों का आशियाना खरीदने से पहले किन टिप्स को करें फॉलो.
1/8नौकरी हो या फिर अपना बिजनेस हो, हर किसी का एक ही सपना होता है कि अपना खुद का घर हो. लेकिन आजकल घर खरीदना हर किसी के लिए बच्चों का खेल नहीं रह गया है.लोन की टेंशन, EMI का बोझ, और घर की आसमान छूती कीमतें देखकर अच्छे-अच्छों के पसीने छूट ही जाते हैं.यही कारण है कि अक्सर लोग इसी डर से पूरी जिंदगी किराए के मकान में निकाल देते हैं, लेकिन क्या हो अगर हम कहें कि सही प्लानिंग और थोड़ी सी समझदारी से आप भी अपना घर खरीद सकते हैं, और वो भी बिना अपनी जेब पर ज्यादा बोझ को डाले?
2/8अगर आप घर खरीदने के लिए कुछ 'सीक्रेट टिप्स' को जान और समझ लेंगे, तो फिर आपका EMI का डर भी खत्म हो जाएगा और आप फिर बिना किसी टेंशन के अपने घर में मौज से जिंदगी काट सकते हैं. तो फिर चलिए, आज जानते हैं कि अपना घर खरीदने की प्लानिंग के वो सीक्रेट, जो आपको किराए के झंझट से हमेशा के लिए मुक्ति भी दिलवा सकते हैं.
3/8सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि हर किसी को आखिर कितना महंगा घर खरीदना चाहिए? इसका सीधा सा फंडा है कि हमेशा अपनी सालाना सैलरी का 4 से 5 गुना हिस्से से ज्यादा का ही घर लेना चाहिए. मान लीजिए कि आपकी सालाना कमाई ₹9.60 लाख है, तो फिर आप ₹38 लाख से ₹48 लाख तक का घर खरीदने का ही खुद के लिए सपना देखें. इसके साथ ही घर की डाउन पेमेंट (कम से कम 20%) और एक 'इमरजेंसी का गुल्लक' भी पहले से तैयार रखना होगा, ताकि लाइफ की बाकी की जरूरत भी पूरी होती रहें.
4/8घर खरीदने के लिए अक्सर होम लोन का सहारा लिया जाता है, लेकिन लोन के लिए सभी कब ब्याज वाले बैंक को ढूंढते हैं.लेकिन कम ब्याज के लिए आपका सिबिल स्कोर (Credit Score) एकदम 'हीरो' होना चाहिए (750 से ऊपर तो सोने पर सुहागा).हमेशा अच्छा सिबिल स्कोर देखकर बैंक वाले भी कम ब्याज पर फटाक से लोन देते हैं.इसलिए लोन लेने से पहले अपना स्कोर चेक करें, फिर अलग-अलग बैंकों से ब्याज दरें पता करें.
5/8आजकल के समय में नौकरी जाने का भी डर बना ही रहता है.इसलिए, घर खरीदने से पहले ही एक इमरजेंसी फंड बनाना बहुत जरूरी है.घर लेने से पहले इमरजेंसी फंड कम से कम 3 से 6 महीने की EMI के बराबर बनाकर रखें.मान लेते हैं कि आपके घर की EMI ₹26,600 है, तो उसे कम से कम (26600 x 6) = ₹1,59,600 (मोटे तौर पर ₹1.60 लाख) इमरजेंसी फंड के तौर पर FD या RD में तो हमेशा रखना ही चाहिए. अगर घर लेने से पहले इस फंड को एक साल का (लगभग ₹3.20 लाख) कर लेंगे तो फिर ईएमआई की सारी टेंशन बिल्कुल खत्म हो जाएगी.
6/8घर खरीदने वालों के लिए अब आता है सबसे अहम सवाल कि EMI कितनी होनी चाहिए? तो इसके लिए सीधा सा नियम है कि आपकी मंथली टेक-होम सैलरी का 35-40% से ज्यादा नहीं हो.मान लेते हैं कि घर की डाउन पेमेंट के लिए आपके के पास ₹20 लाख हैं, और फिर करीब ₹28 लाख का लोन 15 साल के लिए चाहिए है. तो फिर लोन कैलकुलेटर के हिसाब से, मंथली EMI करीब ₹26,600 बन सकती है.यह आपकी ₹80,000 मंथली सैलरी का सिर्फ 33.25% है.
7/8अगर आपकी मंथली इनकम ₹80,000 के आसपास है, तो बजट प्लानिंग जरूरी है. ऐसे में आप ₹26,600 EMI, ₹30,000 घर खर्च, ₹3,000 यूटिलिटी बिल्स और ₹5,400 बचत रखकर आप स्मार्ट फाइनेंशियल बैलेंस बना सकते हैं.घर खरीदने से पहले इमरजेंसी फंड नहीं बना है, तो हर महीने ₹8,000 उसमें जोड़ना बेस्ट होगा.
8/8वैसे आपको बता दें कि हमेशा सपनों का आशियाना खरीदना उतना भी मुश्किल नहीं होता है जितना लगता है. बस इसके लिए आपको जरूरत है थोड़ी सी रिसर्च, सही प्लानिंग और कुछ 'अचूक टिप्स' को अपनाने की. जी हां अगर आप अपनी सैलरी, सिबिल स्कोर, इमरजेंसी फंड और EMI का कैलकुलेशन ठीक से समझ लेंगे, तो आप किराए के घर से अपने खुद के आशियाने में आसानी से शिफ्ट हो सकते हैं.