निवेश के मामले में आज के समय में ऑप्शंस की कमी नहीं है. लेकिन आज भी लोग अपने पोर्टफोलियो में FD को जगह जरूर देते हैं. एफडी को ज्यादातर लोग विश्वसनीय मानते हैं क्योंकि इसमें किसी तरह का रिस्क नहीं होता और आपका निवेश सुरक्षित रहता है. लेकिन लोगों को लगता है कि Fixed Deposit से बहुत पैसा नहीं बनाया जा सकता. लेकिन FD के मामले में निवेश का एक ऐसा स्मार्ट तरीका भी है, जो हर साल आपका मुनाफा करा सकता है. इससे आप कुछ साल में काफी मोटा फंड जोड़ सकते हैं.
1/5FD Laddering Technique ऐसी तकनीक है जिसके जरिए आप 10 से 15 सालों में अच्छा खासा पैसा बना सकते हैं. एफडी लैडरिंग तकनीक में सारी रकम को एक साथ फिक्स नहीं किया जाता, बल्कि इसे अलग-अलग अवधि की कई एफडी बनाकर निवेश किया जाता है.
2/5ये तकनीक कैसे काम करती है, इसे आप एक उदाहरण से समझ सकते हैं. मान लीजिए कि आपके पास 5 लाख रुपए हैं और आप उसकी एफडी अगर 5 लाख रुपए उदाहरण के लिए आपके पास 5 लाख रुपए हैं. ऐसे में आप 5 लाख रुपए की एफडी न बनवाकर इसकी 1-1 लाख की 5 एफडी बनवाएं और इसे 1, 2, 3, 4 और 5 साल के लिए फिक्स कर दें.
3/5Laddering Technique के जरिए जब आप निवेश करते हैं तो हर साल आपकी एफडी मैच्योर होती है. मान लीजिए आपने 1, 2, 3, 4 और 5 साल के लिए पैसा फिक्स किया. ऐसे में आपकी 5 एफडी हो गईं. पहली एफडी 1 साल पर मैच्योर होगी. इस एफडी पर जो भी ब्याज मिला, आप उस ब्याज समेत पूरी रकम को फिर से अगले 5 सालों के लिए फिक्स करवा दें. दूसरे साल आपकी दूसरी एफडी मैच्योर हो जाएगी. इस तरह एक-एक करके हर साल आपकी एफडी मैच्योर होगी और हर साल आप अपनी जमा रकम पर मुनाफा कमाएंगे.
4/5FD मैच्योर होने के बाद आपको एक-एक करके हर एफडी को अगले 5 सालों के लिए फिर से फिक्स करा देना है. इस तरह आप हर साल एफडी को ब्याज समेत बढ़ी हुई रकम के साथ फिक्स करवाएंगे और फिर उस पूरी रकम पर 5 साल में और अच्छा ब्याज बनेगा. इस तरह आप इसके जरिए काफी मुनाफा कमा सकते हैं.
5/5Laddering Technique के जरिए बुजुर्ग और रिटायर्ड लोग इनकम का इंतजाम भी कर सकते हैं. इसके लिए वो अपने रिटायरमेंट फंड को लैडरिंग के जरिए कई एफडी में निवेश कर सकते हैं. मैच्योर होने पर वे इसके ब्याज को अपनी जरूरत के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं और फिर से एफडी में निवेश कर सकते हैं. इससे उनके पास पर्याप्त लिक्विडिटी उपलब्ध रहेगी, साथ ही उनकी जमा की हुई रकम पूरी तरह सुरक्षित रहेगी.