अगर आप बैंक से लोन लेने या क्रेडिट कार्ड पाने की सोच रहे हैं, तो आपका क्रेडिट स्कोर इसमें सबसे अहम भूमिका निभाता है. बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए यह स्कोर इस बात को तय करने में मदद करता है कि आप कितने भरोसेमंद कर्जदार हैं. अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है, तो आपको कम ब्याज पर लोन मिल सकता है, यानी आपके कुछ पैसे बच जाएंगे, वरना आपको अधिक ब्याज चुकाना होगा. बता दें कि 750 से अधिक का स्कोर अच्छा माना जाता है. आइए जानते हैं सिबिल स्कोर यानी क्रेडिट स्कोर देखकर बैंक कौन-कौन से 5 फैसले लेता है.
1/5बैंक सबसे पहले यह देखता है कि आपने पहले जो कर्ज लिया, उसका भुगतान समय पर किया या नहीं. अगर आपका स्कोर अच्छा है, तो यह मान लिया जाता है कि आप समय पर भुगतान करते हैं, जिससे लोन मिलने के चांस बढ़ जाते हैं.
2/5आपका क्रेडिट स्कोर जितना ज्यादा होगा, बैंक उतनी ही कम ब्याज दर पर आपको लोन देगा. इससे आपकी EMI कम हो जाती है और कुल कर्ज सस्ता पड़ता है. यानी देखा जाए तो 3 डिजिट का सिबिल स्कोर अगर अच्छा है तो इससे आपके पैसे बच सकते हैं.
3/5बैंक यह भी तय करता है कि किसी ग्राहक को क्रेडिट कार्ड पर कितनी क्रेडिट लिमिट दी जानी चाहिए. अगर स्कोर अच्छा है, तो आपको ज्यादा लिमिट मिल जाती है, जिससे आप जरूरत के समय ज्यादा खर्च कर सकते हैं.
4/5अगर आपका स्कोर 750 या उससे ऊपर है, तो बैंक आपको लंबी अवधि के लिए भी लोन दे सकता है. इतना ही नहीं, लोन की शर्तें भी बेहतर हो सकती हैं. इससे आपकी EMI कम हो जाएगी और आपको लोन चुकाने में जल्दबाजी नहीं करनी होगी.
5/5अगर आपकी पेमेंट हिस्ट्री साफ है और स्कोर अच्छा है, तो आपको प्रीमियम क्रेडिट कार्ड, रिवॉर्ड्स और दूसरी खास सुविधाएं भी मिल सकती हैं. आमतौर पर बैंक यह सुविधाएं आम ग्राहकों को नहीं देता है.