आरबीआई मॉनेटरी पॉलिसी के नतीजे आ चुके हैं. लोगों को उम्मीद थी कि त्योहारी सीजन के बीच गवर्नर लोगों को ब्याज दरों में कटौती का फैसला सुना सकते हैं, लेकिन ऐसा हुआ नहीं. आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा (RBI Governor Sanjay Malhotra) ने एक तरफ रेपो रेट (Repo Rate) को 5.5% पर ही स्थिर रखने का फैसला सुनाया. इस डिसीजन के बाद लोगों की EMI कम होने की उम्मीदें भी टूट गईं. अगर आप भी ऐसा सोच रहे हैं तो टेंशन छोड़ दीजिए. आपके पास अब भी ऐसे सॉलिड तरीके हैं जो आपकी EMI के बोझ को कम करने का दम रखते हैं. यहां जानिए इस बारे में.
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1/5अगर आपके होम लोन ब्याज दर ज्यादा है, जिसकी वजह से हर महीने आपको भारी-भरकम EMI देनी पड़ती है, तो आप लोन को रीफाइनेंस करवा सकते हैं. लोन रीफाइनेंसिंग में कम ब्याज दर जैसी शर्तों वाला नया लोन लिया जाता है और पुराने लोन को क्लोज करा दिया जाता है. इसके बाद नए लोन का पुनर्भुगतान शुरू कर दिया जाता है.
2/5जब भी आपको बोनस, बचत या कहीं से एक्स्ट्रा कमाई हो तो उस रकम का इस्तेमाल लोन का प्री-पेमेंट करने के लिए करें. लोन का प्रीपेमेंट करने से आपका प्रिंसिपल अमाउंट कम होगा और आपकी EMI भी छोटी हो जाएगी.
3/5अगर आपकी EMI बहुत ज्यादा है और इसके कारण आपके घर का बजट गड़बड़ा रहा है तो आप अपने लोन के टेन्योर को बढ़ा सकते हैं. टेन्योर बढ़ाने से आपकी EMI छोटी हो जाएगी हालांकि इससे लोन पर लिए जाने वाले कुल ब्याज की रकम बढ़ जाएगी.
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4/5अगर आप पहली बार घर खरीद रहे हैं तो प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) जैसी सरकारी योजनाओं का फायदा लें. इस योजना के तहत ब्याज दर पर सब्सिडी मिलती है. इसके अलावा लोन लेते समय डाउन पेमेंट ज्यादा करने की कोशिश करें. इससे आपकी EMI शुरुआत से ही उतनी ही बनेगी, जितनी आप आसानी से दे सकें.
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5/5अगर आप काफी लंबे समय से टाइम पर लोन का रीपेमेंट करते आ रहे हैं और बैंक के भरोसेमंद ग्राहक हैं, तो आप अपने बैंक से ब्याज दर को कम करने के लिए रिक्वेस्ट कर सकते हैं. कभी-कभी बैंक अपने पुराने ग्राहकों को कम ब्याज दर का फायदा दे देते हैं.