Credit Card Tips: आज के दौर में क्रेडिट कार्ड सिर्फ एक प्लास्टिक कार्ड नहीं बल्कि आपकी फाइनेंशियल साख (creditworthiness) की पहचान बन गया है. ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर इमरजेंसी खर्च तक हर जगह क्रेडिट कार्ड की जरूरत पड़ती है. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि लोग बार-बार एप्लाई करते हैं और फिर भी बैंक उनकी एप्लिकेशन रिजेक्ट कर देता है. तो आखिर ऐसा क्यों होता है? आइए जानते हैं वो 10 बड़ी वजहें जिनकी वजह से बैंक आपका क्रेडिट कार्ड एप्लिकेशन मंजूर नहीं करता.
1/11क्रेडिट कार्ड अप्रूव न होने की सबसे बड़ी वजह है लो या खराब सिबिल स्कोर (CIBIL Score). अगर आपका सिबिल स्कोर 700 से कम है, तो बैंक मानता है कि आप कर्ज समय पर चुकाने में भरोसेमंद नहीं हैं. कई बार EMI में देरी या पुराने लोन का बकाया भी आपके सिबिल को बिगाड़ देता है.
2/11अगर आपके ऊपर पहले से ही कई लोन चल रहे हैं (पर्सनल, होम या व्हीकल) तो बैंक समझता है कि आपकी repayment capacity कम हो गई है. ऐसे में नए क्रेडिट कार्ड के लिए मंजूरी मिलना मुश्किल हो जाता है.
3/11हर बैंक का अपना न्यूनतम इनकम मानक (minimum income criteria) होता है. अगर आपकी आय उस तय लिमिट से कम है, तो बैंक को लगता है कि आप कार्ड की लिमिट संभाल नहीं पाएंगे. इसलिए एप्लिकेशन रिजेक्ट कर दी जाती है.
4/11बैंक हमेशा स्टेबल जॉब वाले ग्राहकों को प्राथमिकता देता है. अगर आप हर कुछ महीनों में नौकरी बदलते हैं या आपकी कंपनी का नाम अज्ञात है, तो बैंक को आपके भुगतान करने की स्थिरता पर शक होता है.
5/11कई बार लोग जल्दबाजी में फॉर्म भरते समय गलत पता, गलत DOB या अधूरी डिटेल्स दे देते हैं. बैंक जब वेरिफिकेशन करता है और डिटेल्स मैच नहीं होतीं, तो एप्लिकेशन सीधे रिजेक्ट कर दी जाती है.
6/11अगर आपके पास पहले कोई क्रेडिट कार्ड था और आपने उस पर बकाया भुगतान नहीं किया या कंपनी को राइट-ऑफ करना पड़ा, तो आपकी नई एप्लिकेशन लगभग तय तौर पर खारिज हो जाती है.
7/11अगर आप हर दूसरे बैंक में बार-बार क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते हैं, तो हर बार एक हार्ड इंक्वायरी (Hard Inquiry) होती है. यह आपके सिबिल स्कोर को नीचे गिरा देती है और बैंक को लगता है कि आप क्रेडिट के लिए बेताब हैं, यानी जोखिम अधिक है.
8/11अगर आपका KYC डॉक्यूमेंट जैसे आधार, पैन, या एड्रेस प्रूफ में mismatch है, तो बैंक आपकी पहचान सत्यापित नहीं कर पाता. ऐसे मामलों में कार्ड अप्रूवल तुरंत रोक दिया जाता है.
9/11हर बैंक के पास एक आंतरिक जोखिम मूल्यांकन (Internal Risk Policy) होती है. कई बार आपकी फाइल ठीक होती है, लेकिन बैंक के डेटा एनालिटिक्स सिस्टम के हिसाब से आपका प्रोफाइल "हाई रिस्क" कैटेगरी में आ जाता है. जिससे एप्लिकेशन अस्वीकार हो जाती है.
10/11अगर आपके पास पहले से ही 3-4 कार्ड हैं और उनकी लिमिट काफी बड़ी है, तो नया बैंक समझता है कि आपको अतिरिक्त क्रेडिट की जरूरत नहीं है. ऐसे मामलों में वे आपकी एप्लिकेशन को “not required” श्रेणी में डाल देते हैं.
11/11अपना CIBIL स्कोर सुधारें. समय पर EMI और कार्ड बिल भरें. किसी एक बैंक के कार्ड से शुरुआत करें, फिर धीरे-धीरे लिमिट बढ़ाएं. एक ही समय पर कई जगह आवेदन न करें. अपने KYC और इनकम डॉक्यूमेंट अपडेट रखें. अगर नया जॉब लिया है, तो कम से कम 6 महीने तक वहीं स्थिर रहें.