घर खरीदना हर किसी का सपना होता है और घर खरीदने के लिए लोन हर किसी के लिए एक सहारा होता है. यही कारण है कि अक्सर समझ ये नहीं आता है कि आखिर लोन कहां से लिया जाए.तो हम पहली बार घर खरीदने जा रहे लोगों को बताएंगे कि लोन के लिए बैंक या फिर NBFC कौन सा ऑप्शन चुनें.
1/6पहली बार घर खरीद रहे हैं तो कई बार कन्फ्यूजन होता है कि लोन कहां से कराएं. किस बैंक से कराएं. बैंक से लोन लें या NBFC से. क्रेडिट स्कोर के मुताबिक कितना लोन मिलेगा. इसलिए ये स्टोरी आपको बताएगी कि पहली बार लोन लेने पर क्या देखें, कहां से लें.
2/6NBFCs यानी Non-Banking Financial Companies. ये कंपनियां भी होम लोन देने के क्षेत्र में बैंकों को कड़ी टक्कर दे रही हैं. खासकर उन लोगों के लिए जो पहली बार लोन ले रहे हैं, जिनका क्रेडिट स्कोर थोड़ा कम है. जो लोग सैलरी वाले नहीं हैं. जैसे--किसी के पास सिर्फ किराए की आमदनी आती है. ऐसे लोगों को NBFCs आमतौर पर लोन देने में थोड़ा कम नियम गिनाती है.
3/6NBFC वे संस्थाएं होती हैं जो बैंक की तरह लोन देती हैं लेकिन उन पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के उतने सख्त नियम लागू नहीं होते, जितने बैंकों पर होते हैं. इस वजह से वे ब्याज दरें, लोन की शर्तें और प्रोसेसिंग में ज्यादा आजादी दे पाती हैं
4/6- प्रोसेसिंग जल्दी होती है. - सेल्फ-एम्प्लॉयड या नए जॉब वाले लोगों के लिए ज्यादा लचीलापन. - कागजी प्रक्रिया आसान और अक्सर डिजिटल होती है. - EMI की फ्लेक्सिबल स्कीमें जैसे Step-up EMI . - लंबी रीपेमेंट अवधि का विकल्प. - अगर आपकी नियमित नहीं है या हाल ही में आपने नौकरी बदली है या आपने पहले कभी लोन नहीं लिया है, तो NBFC से लोन मिलना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है.
5/6- ब्याज दरें आम तौर पर कम होती हैं, खासकर अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है. - नियम ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित होते हैं. - प्रोसेसिंग फीस, प्री-पेमेंट चार्ज और फोरक्लोजर शर्तें ग्राहकों को मिल जाती हैं. - बैंक वित्तीय रूप से ज्यादा स्थिर और भरोसेमंद माने जाते हैं.
6/6अगर आपकी नौकरी स्थिर है, आय नियमित है और आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है, तो बैंक से होम लोन लेना आपके लिए सस्ता और सुरक्षित विकल्प होगा. लेकिन अगर आप क्रेडिट स्कोर के मामले में कमजोर हैं, फ्रीलांसिंग करते हैं या जल्दी लोन पास करवाना चाहते हैं, तो NBFC आपके लिए बेहतर हो सकता है. हालांकि, सलाह यही है कि लोन लेने से पहले अलग-अलग संस्थानों की ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस, EMI विकल्प, ग्राहक रिव्यू और नियमों की तुलना जरूर करें.