आज के समय में ज्यादातर लोग मकान खरीदने के लिए होम लोन लेते हैं. ज्यादातर बैंक ग्राहक को एडजस्टेबल होम लोन देते हैं, जिसकी ब्याज दर समय के साथ बदलती रहती है. लेकिन बैंक में होम लोन का सिर्फ यही एक ऑप्शन नहीं होता, इसके अलावा दो और प्रकार के लोन बैंक ऑफर करता है. हालांकि ज्यादातर देखा जाता है कि बैंक खुद से इसकी जानकारी ग्राहक को नहीं देते हैं. HDFC के मुताबिक बैंक के पास होम लोन लेने के लिए 3 तरह के ऑप्शन मौजूद हैं. यहां जानिए होम लोन के प्रकार.
1/6होम लोन का पहला टाइप है एडजस्टेबल या फ्लोटिंग रेट लोन. ज्यादातर बैंक ग्राहक को इसी हिसाब से लोन देते हैं. इस प्रकार के लोन में ब्याज की दर लेंडर की बेंचमार्क दर से जुड़ी होती है. अगर बेंचमार्क दर में कोई बदलाव होता है तो ब्याज दर भी उसी अनुपात में बदल जाती है. कुल मिलाकर इस तरह के लोन की ब्याज दर में समय-समय पर बदलाव होता रहता है.
2/6फिक्स्ड रेट लोन को आप नाम से ही समझ सकते हैं. इसमें ब्याज दर लोन लेते समय निश्चित कर दी जाती है. वही ब्याज दर लोन की पूरी अवधि के दौरान लागू रहती है. उसमें किसी तरह का बदलाव नहीं होता.
3/6कॉम्बिनेशन लोन के बारे में आपने शायद ही सुना हो या फिर न सुना हो. इस प्रकार के लोन में कर्ज का एक हिस्सा फिक्स्ड ब्याज दर पर और बाकी का हिस्सा एडजस्टेबल या फ्लोटिंग ब्याज दर पर मिलता है.
4/6अगर आपको उम्मीद हो कि आने वाले दिनों में ब्याज दरें कम होंगी, तो आप फ्लोटिंग रेट लोन का चुनाव कर सकते हैं. ऐसे मामले में आपके लोन पर लागू ब्याज दर भी घट जाएगी. फ्लोटिंग रेट होम लोन का एक फायदा ये भी है कि आप जब प्रीपेमेंट करते हैं तो इसमें आपसे प्रीपेमेंट चार्ज नहीं लिया जाता है, जबकि फिक्स्ड रेट लोन को अगर आप समय से पहले क्लोज करना चाहते हैं तो बैंक आपसे प्रीपेमेंट चार्ज लेते हैं.
5/6फिक्स्ड रेट होम लोन का ऑप्शन चुनने का फायदा ये होता है कि लोन लेते समय ही आपको ये पता होता है कि आपको कितनी EMI देनी है. रेपो रेट बढ़े या घटे, आपकी ब्याज दर में बदलाव नहीं होता. अगर आपको भविष्य में ब्याज दरों के बढ़ने का अनुमान हो और इसलिए अपने होम लोन को मौजूदा दर पर लॉक करना चाहते हों. ऐसे में Fixed Rate Home Loan को चुना जा सकता है. फिक्स्ड रेट लोन की कीमत आमतौर पर फ्लोटिंग रेट लोन से थोड़ी ज्यादा होती है. अगर अंतर न के बराबर है, तो आप फिक्स्ड रेट लोन को चुन सकते हैं. अगर ज्यादा बड़ा हो तो फ्लोटिंग रेट पर विचार कर सकते हैं.
6/6अगर आप ये समझ नहीं पा रहे हैं कि फिक्स्ड या फ्लोटिंग, किस प्रकार का हाउसिंग लोन आपके लिए ठीक रहेगा, तो आप कॉम्बिनेशन लोन चुनें जो थोड़ा फिक्स्ड और थोड़ा फ्लोटिंग होता है. ये तब आपके लिए खासतौर पर अच्छा होता है जब आप मौजूदा समय में कोई अन्य लोन रीपेमेंट कर रहे हैं और आपके कैश फ्लो शुरूआती 3-5 वर्षों के लिए आपके लोन ऑब्लिगेशंस पूरे करने के लिए प्लान्ड हैं, तो इस टर्म के दौरान, आप फिक्स्ड रेट का विकल्प चुन सकते हैं. इस फेज के बाद, आप हाउसिंग लोन के बचे हुए टर्म के लिए फ्लोटिंग विकल्प चुन सकते हैं.