ज्यादातर लोग अपनी मेहनत की कमाई बैंक में रखते हैं. फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और सेविंग्स अकाउंट में लाखों रुपये जमा करके लोग सोचते हैं कि उनका पैसा सुरक्षित है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर आपका बैंक किसी वजह से डूब जाए या दिवालिया हो जाए, तो आपके पैसों का क्या होगा? क्या आपको अपनी पूरी जमा-पूंजी वापस मिलेगी? ये एक ऐसा सच है जिसके बारे में ज्यादातर लोगों को नहीं पता है और बैंक खुद इसकी जानकारी कभी नहीं देते. यहां जानिए इसके बारे में.
1/7RBI के नियमों के अनुसार, अगर कोई बैंक डूब जाता है, तो आपको आपके खाते में जमा कुल रकम में से अधिकतम सिर्फ 5 लाख रुपये की ही गारंटी मिलती है. ये गारंटी डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (DICGC) की तरफ से होती है. यानी अगर आपके खाते में 10 लाख या 50 लाख रुपये भी जमा हैं, तो भी आपको वापस सिर्फ 5 लाख रुपये ही मिलेंगे. इस Bank Deposit Guarantee में आपका मूलधन और ब्याज, दोनों शामिल होता है.
2/7DICGC रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की ही एक कंपनी है जो सभी बैंकों को इंश्योरेंस कवर देती है. इसके लिए प्रीमियम बैंक भरता है, ग्राहक को कोई पैसा नहीं देना होता. पहले ये गारंटी सिर्फ 1 लाख रुपये की थी, लेकिन 2020 में सरकार ने इसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया. ये नियम देश के सभी कमर्शियल बैंक, विदेशी बैंकों की भारतीय ब्रांच, ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंकों पर लागू होता है.
3/7ये सबसे जरूरी नियम है. अगर आपका एक ही बैंक (जैसे SBI) की अलग-अलग ब्रांच में कई खाते हैं या उसी बैंक में सेविंग्स अकाउंट, करंट अकाउंट और FD है, तो इन सभी को एक ही खाता माना जाएगा. बैंक डूबने की स्थिति में, आपके सभी खातों में जमा कुल रकम को मिलाकर अधिकतम 5 लाख रुपये ही वापस मिलेंगे. Fixed Deposit Risk को कम करने के लिए यह जानना बहुत जरूरी है.
4/7DICGC Insurance Limit प्रति व्यक्ति, प्रति बैंक के हिसाब से होती है. इसका मतलब है कि अगर आपके पैसे दो अलग-अलग बैंकों में जमा हैं, तो आपको दोनों बैंकों से 5-5 लाख रुपये की गारंटी मिलेगी. उदाहरण के लिए, अगर आपके 5 लाख रुपये बैंक A में और 5 लाख रुपये बैंक B में है और दोनों बैंक डूब जाते हैं, तो आपको दोनों से 5-5 लाख यानी पूरे 10 लाख रुपये वापस मिलेंगे.
5/7जी हां, 5 लाख की गारंटी में आपके सभी तरह के डिपॉजिट शामिल होते हैं. इसमें सेविंग्स अकाउंट का पैसा, करंट अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और रिकरिंग डिपॉजिट (RD) सब कुछ जोड़ा जाता है. इन सभी को मिलाकर अगर रकम 5 लाख से ज्यादा है, तो भी आपको अधिकतम 5 लाख ही मिलेंगे.
6/7नियमों के मुताबिक, बैंक के बंद होने या डूबने के बाद DICGC को 90 दिनों के भीतर ग्राहकों को उनका पैसा लौटाना होता है. इसमें पहले 45 दिन बैंक ग्राहकों के खातों की जानकारी इकट्ठा करता है और अगले 45 दिनों में DICGC ग्राहकों को पैसा वापस कर देता है.
7/7अपनी बैंक की सेविंग्स की सुरक्षा बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका ये है कि आप अपनी 5 लाख से ज्यादा रकम को एक बैंक में न रखें. अगर पैसा ज्यादा है तो इसे दो या इससे ज्यादा बैंकों में अलग-अलग रखें.