ATM Withdrawal Income: सरकार ने संसद में बताया कि बैंकों को ATM से पैसे निकालने की सुविधा देकर SBI ने पिछले 5 साल में करीब 2 हजार करोड़ रुपये की कमाई कर ली है. सिर्फ FY24 में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने 331 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है. हालांकि, ये एक ऐसा बिजनेस में जिसमें SBI को छोड़कर सभी 11 सरकारी बैंकों को FY24 में नुकसान ही हुआ है. इन बैंकों ने मिलकर कुल 925 करोड़ रुपये का नुकसान उठाया है.
1/6वित्त मंत्रालय ने संसद में बताया कि SBI ने पिछले 5 साल में एटीएम कैश विद्ड्रॉल चार्जेस से करीब 2043 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है. FY20 में इसने 656 करोड़ रुपये, FY21 में 228 करोड़ रुपये, FY22 में 393 करोड़ रुपये, FY23 में 435 करोड़ रुपये और FY24 में 331 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है.
2/6हालांकि, SBI को छोड़कर दूसरे सभी सरकारी बैंकों ने FY24 में एटीएम से पैसे निकालने के मामले में पैसे डुबोएं हैं. इन बैंकों ने कुल 925 करोड़ रुपये का नुकसान किया है.
3/6इन बड़े सरकारी बैंकों में बैंक ऑफ बड़ौदा ने 212.08 करोड़ रुपये, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने 203.87 करोड़ रुपये और इंडियन बैंक ने 188.75 करोड़ रुपये का नुकसान कराया है. इसके अलावा बैंक ऑफ इंडिया के 66.12 करोड़ रुपये, यूको बैंक के 61.86 करोड़ रुपये और इंडियन ओवरसीज बैंक के 53.35 करोड़ रुपये डूबे हैं.
4/6बता दें कि SBI के पास देश में सबसे बड़ा एटीएम नेटवर्क है. पूरे भारत में कुल 216706 ATM है, जिसमें से लगभग 65,000 ATM SBI के हैं. इसका मतलब है कि ATM नेटवर्क में एसबीआई का 30 फीसदी मार्केट शेयर है.
5/6आपको बता दें कि बैंक कस्टमर्स हर महीने 5 बार पैसे बिना किसी शुल्क के निकाल सकते हैं, इसके बाद उनसे शुल्क लिया जाता है. वहीं, अगर ये निकासी आपने किसी मेट्रो सेंटर से किया तो लिमिट 3 होते हैं. देश में हर दिन औसतन 1 करोड़ से ज्यादा ट्रांसक्शन होते हैं.
6/6बता दें कि 1 मई से ATM से पैसे निकालना महंगा होने वाला है. अभी तक तय लिमिट से ज्यादा बार कैश निकालने पर कस्टमर्स को 17 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन चुकाना होता है, जबकि 1 मई से ये बढ़कर 19 रुपये होने वाला है.