Personal Loan: पर्सनल लोन की जरूरत तो हर किसी को कभी ना कभी पड़ती ही है. आजकल तो देश में डिजिटल लोन लेने का चलन भी तेजी से बढ़ रहा है. कई लोग मोबाइल ऐप्स (Loan Apps) से बड़ी ही आसानी से पर्सनल लोन ले लेते हैं और अपनी जरूरत को पूरा करते हैं. हालांकि, ऐसे ऐप्स से लोन लेना कई बार बड़ी मुसीबत का सबब भी बन सकता है. कई बार इस तरह के ऐप से लोगों के साथ फ्रॉड (Loan App Fraud) हो जाता है तो कई बार लोग बुरी तरह से कर्ज के जाल में फंस (Loan Trap) जाते हैं. आइए जानते हैं ऐसे 5 रेड फ्लैग (Red Flag), जो देखते ही आपको समझ जाना चाहिए कि दाल में कुछ काला है.
1/6फर्जी लोन ऐप्स की सबसे पहली पहचान यह है कि वे RBI से रजिस्टर्ड नहीं होते. वे किसी बैंक या अधिकृत NBFC (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी) से भी जुड़े नहीं होते. RBI समय-समय पर ऐसे अधिकृत लोन देने वाली कंपनियों की लिस्ट जारी करता है. ऐसे में अगर कोई ऐप इस लिस्ट में नहीं है, तो उससे तुरंत दूरी बना लें.
2/6फर्जी ऐप्स अक्सर फोन की गैलरी, कांटैक्ट्स, कॉल लॉग और मैसेजेज तक पहुंच मांगते हैं. इन डेटा का गलत इस्तेमाल करके ये आपको या आपके परिवार को परेशान कर सकते हैं. असली और भरोसेमंद ऐप्स सिर्फ ज़रूरी जानकारी ही मांगते हैं और आपकी प्राइवेसी का ध्यान रखते हैं.
3/6अगर कोई ऐप दावा करता है कि लोन मिलेगा बिना डॉक्युमेंट्स, बिना KYC, या वो भी बिना ब्याज के, तो समझ जाइए कि कुछ गड़बड़ है. असली लोन देने वाले बैंक या NBFC आपके क्रेडिट स्कोर और डॉक्युमेंट्स को अच्छे से जांचते हैं, तभी लोन पास करते हैं.
4/6असली लोन कंपनियां अपना पता, कस्टमर सपोर्ट नंबर और ईमेल ID साफ-साफ बताती हैं. लेकिन फर्जी ऐप्स ऐसा कुछ नहीं करते. अगर किसी ऐप पर ये जानकारी नहीं है, तो वो भरोसे लायक नहीं है.
5/6फर्जी लोन ऐप्स के शिकार लोग अक्सर बताते हैं कि उन्हें बिना लोन लिए भी धमकी भरे कॉल और मैसेज आते हैं. कोई उन्हें बदनाम करने की धमकी देता है, कोई परिवार वालों को परेशान करता है. ये सब गैर-कानूनी है और साफ इशारा है कि ऐप फर्जी है.
6/6डिजिटल जमाने में जहां एक क्लिक पर पैसा मिल सकता है, वहीं ठगी भी एक क्लिक दूर है. इसलिए कोई भी लोन ऐप डाउनलोड करने से पहले उसका RBI रजिस्ट्रेशन, रिव्यू और डेवलपर की जानकारी जरूर चेक करें. अगर कोई संदेह हो, तो ऐप का इस्तेमाल बंद करें और संबंधित अधिकारियों को शिकायत दर्ज करें. याद रखिए, सतर्कता ही आपकी पहली सुरक्षा है, खासकर जब बात आपके पैसों की हो.