गारंटीड रिटर्न और पैसे डूबने का कोई खतरा नहीं, यही सोचकर आज भी करोड़ों लोग एफडी को ही निवेश का सबसे अच्छा जरिया मानते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी ये 'सबसे सुरक्षित' मानी जाने वाली FD असल में आपके पैसे की वैल्यू को बढ़ा भी रही है या नहीं? तमाम एक्सपर्ट्स का मानना है कि FD में महंगाई को मात देने का दम नहीं होता. अगर आप भी उन लोगों में से हैं, जो सिर्फ गारंटीड रिटर्न देखकर खुश हो जाते हैं, तो रुकिए! एफडी में पैसा लगाने से पहले इसके कुछ Drawbacks जरूर जान लें, जिनके बारे में या तो लोग जानते नहीं, या फिर नजरअंदाज कर देते हैं.
1/5एफडी पर आज के समय में जो ब्याज मिलता है, वो बहुत ज्यादा नहीं होता है. ज्यादातर बैंक एफडी पर 6 से 8 फीसदी के बीच ब्याज देते हैं. बहुत ज्यादा होगा तो कोई बैंक 9 फीसदी तक ब्याज पेशकश कर सकता है. लेकिन इससे कहीं ज्यादा बेहतर ब्याज आपको म्यूचुअल फंड में मिल सकता है. म्यूचुअल फंड में बाजार का जोखिम जरूर होता है, लेकिन अगर आप इसमें एसआईपी के जरिए निवेश करते हैं, तो ये जोखिम काफी कम हो जाता है. म्यूचुअल फंड में लोगों को 15 से 20 फीसदी भी रिटर्न मिलते देखा गया है.
2/5एफडी पर मिले ब्याज पर सरकार भी आपसे टैक्स वसूलती है. आईटीआर फाइल करते समय एफडी पर मिलने वाले ब्याज को इनकम के तौर पर काउंट किया जाता है. जबकि आजकल ऐसी तमाम स्कीम्स हैं जिन पर आपको एफडी से बेहतर ब्याज मिल जाता है और टैक्स में छूट भी मिल जाती है.
3/5एक बार जब आप कोई एफडी करवाते हैं, तो इस पर पूरे टेन्योर तक समान ब्याज ही मिलता है. उससे एक रुपया भी आपको ज्यादा नहीं मिलता. ऐसे में लॉन्ग टाइम के लिए एफडी करवाने पर कई बार नुकसान भी हो जाता है. अगर इस बीच बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी करे, तो भी आपको इसका फायदा नहीं मिलता है. वहीं इसके बाद आपको ब्याज पर आपको टैक्स भी देना पड़ जाए, तो और नुकसान हो जाता है.
4/5आपने जितने समय के लिए पैसे को फिक्स किया है, आप उस टेन्योर से पहले पैसे नहीं निकाल सकते. अगर जमाकर्ता मैच्योरिटी तारीख से पहले अपने फिक्स्ड डिपॉज़िट अकाउंट से पैसे निकालता है तो इसके लिए बैंक पेनल्टी वसूलती है. ये पेनल्टी 0.5%-1% के बीच होती है.
5/5आमतौर पर लोग बैंक एफडी को पूरी तरह सुरक्षित मानते हैं और अपनी बड़ी रकम उसमें निवेश करते हैं. वैसे तो एफडी में रकम सुरक्षित ही होती है, लेकिन अगर बैंक किसी कंडीशन में डिफॉल्ट कर जाए तो निवेशकों का सिर्फ 5 लाख तक डिपॉजिट ही सेफ रहता है. इससे ज्यादा की एफडी है, तो आपको नुकसान झेलना पड़ेगा क्योंकि डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (DICGC) बैंक डिपॉजिट पर सिर्फ 5,00,000 रुपये तक का ही इंश्योरेंस गारंटी देता है.