Savings Account Tips: आज के समय में लगभग हर किसी के पास सेविंग्स अकाउंट (Savings Account) होता है. लोग इसे सिर्फ पैसे रखने का जरिया मानते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि सेविंग्स अकाउंट कई और काम भी आता है. यहां जानिए ऐसे 10 फायदे और जरूरी बातें जो हर अकाउंट होल्डर को पता होनी चाहिए.
1/10सेविंग्स अकाउंट में आप अपने पैसे सुरक्षित रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर कभी भी निकाल सकते हैं. घर में पैसे रखने पर चोरी या खोने का डर रहता है, जबकि बैंक में जमा करने से यह जिम्मेदारी बैंक की हो जाती है.
2/10इस अकाउंट से आप किसी को पैसे भेज सकते हैं और खुद भी पैसे मंगा सकते हैं. ऑनलाइन ट्रांसफर की सुविधा से अब पैसे भेजना और लेना मिनटों का काम हो गया है.
3/10घर का किराया, बिजली-पानी, इंटरनेट, मोबाइल या शॉपिंग का पेमेंट सबकुछ सेविंग्स अकाउंट से नेट बैंकिंग, यूपीआई, डेबिट कार्ड या चेक के जरिए किया जा सकता है.
4/10अकाउंट स्टेटमेंट से आप जान सकते हैं कि आपके खाते में कब कितना पैसा आया और कितना खर्च हुआ. इससे आप अपने खर्चों को कंट्रोल और भविष्य की प्लानिंग कर सकते हैं.
5/10ज्यादातर बैंकों में सेविंग्स अकाउंट में न्यूनतम बैलेंस रखना जरूरी होता है. ऐसा न करने पर बैंक चार्ज लगाता है. हर बैंक का यह नियम अलग हो सकता है.
6/10न्यूनतम बैलेंस की गणना महीने के औसत पर होती है, रोजाना पर नहीं. जैसे अगर महीने में कभी आपके अकाउंट में 3 लाख रुपये रहे और बाद में कम हो गए, तो भी एवरेज बैलेंस निकाला जाएगा.
7/10सेविंग्स अकाउंट में रखे पैसे पर आपको ब्याज भी मिलता है. हालांकि यह रेट कम होता है, करीब 2-4% तक. फिर भी घर पर रखने से बेहतर है कि बैंक में रखें और थोड़ा ब्याज भी पाएं.
8/10अगर आपको पता है कि पैसा लंबे समय तक खर्च नहीं करना, तो सेविंग अकाउंट से एफडी करा सकते हैं. इस पर ज्यादा ब्याज मिलता है. लेकिन ध्यान रखें, एफडी समय से पहले तोड़ने पर चार्ज देना पड़ सकता है.
9/10सेविंग्स अकाउंट पर जो ब्याज मिलता है, वह टैक्सेबल होता है. इसकी दर आपके टैक्स स्लैब पर निर्भर करती है. इसलिए पूरा ब्याज आपका नहीं होता, उस पर टैक्स देना पड़ता है.
10/10सेक्शन 80TTA के तहत सेविंग्स अकाउंट से मिले ब्याज पर 10 हजार रुपये तक की छूट मिलती है. यानी अगर ब्याज इससे ज्यादा है तभी टैक्स देना होगा, वरना छूट मिलेगी.