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डिजिटल बैंकिंग के दौर में पर्सनल लोन लेना पहले से कहीं आसान हो गया है. कम समय में अप्रूवल और जल्दी पैसा यही वजह है कि लोग बिना ज्यादा सोच-विचार के लोन ले लेते हैं. लेकिन जब EMI हर महीने बजट बिगाड़ने लगती है, तब 'सेटलमेंट' शब्द आकर्षक लगने लगता है. यहीं से असली कहानी शुरू होती है:
अक्सर लोग समझते हैं कि लोन प्रीपेमेंट और लोन सेटलमेंट एक ही चीज है. जबकि दोनों में जमीन-आसमान का फर्क है.
प्रीपेमेंट में आप पूरी देनदारी खत्म करते हैं. सेटलमेंट में आप मूल राशि से कम भुगतान करते हैं और बाकी को बैंक लिखित समझौते के तहत 'माफ' करता है.
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लोन सेटलमेंट आमतौर पर तब होता है जब कई EMI मिस हो चुकी हों और अकाउंट डिफॉल्ट की श्रेणी में चला गया हो. ऐसे में बैंक कानूनी प्रक्रिया शुरू करने से पहले समझौते का विकल्प देता है.
आप कम राशि देकर मामला बंद कर देते हैं. बाहर से सब कुछ खत्म दिखता है, लेकिन अंदर एक दाग रह जाता है. बैंक आपके खाते को 'Closed' नहीं बल्कि 'Settled' के रूप में अपडेट करता है.
बैंक लोन सेटलमेंट की जानकारी क्रेडिट ब्यूरो जैसे TransUnion CIBIL को भेजता है. वहां आपके खाते की स्थिति 'Settled' दिखाई देती है 'Paid in Full' नहीं.
| आधार | प्रीपेमेंट | सेटलमेंट |
| भुगतान | पूरी राशि | कम राशि पर समझौता |
| क्रेडिट रिपोर्ट स्टेटस | Closed / Paid in Full | Settled |
| स्कोर पर असर | सकारात्मक या सामान्य | नकारात्मक |
| भविष्य के लोन पर असर | अच्छा प्रभाव | जोखिम भरा |
यह तालिका साफ बताती है कि सेटलमेंट सस्ता विकल्प लगता है, लेकिन भविष्य महंगा कर सकता है.
अगर आप गंभीर आर्थिक संकट में हैं जैसे नौकरी चली गई हो या बड़ी मेडिकल इमरजेंसी हो और पूरा लोन चुकाना संभव न हो, तब सेटलमेंट व्यावहारिक विकल्प हो सकता है. लेकिन अगर आपकी आय स्थिर है, तो पहले ये विकल्प देखें:
कई बार समय बढ़वाने से EMI कम हो जाती है और बिना स्कोर बिगाड़े राहत मिल जाती है.
लोन सेटलमेंट करने से पहले बैंक की शर्तें अच्छी तरह पढ़ें. यह सुनिश्चित करें कि लिखित समझौता मिले और भविष्य में कोई अतिरिक्त दावा न किया जाए. यह भी समझें कि एक बार “Settled” स्टेटस लग गया तो उसे “Closed” में बदलवाना आसान नहीं होता.
पर्सनल लोन सेटलमेंट तुरंत राहत दे सकता है. लेकिन होम लोन या बिजनेस लोन जैसे बड़े सपनों के सामने यह दीवार बन सकता है. वित्तीय अनुशासन का मतलब सिर्फ EMI भरना नहीं, बल्कि अपने क्रेडिट इतिहास को साफ रखना भी है. कई बार जल्दीबाजी में लिया गया फैसला लंबे समय तक पीछा नहीं छोड़ता.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्या लोन सेटलमेंट और लोन प्रीपेमेंट एक ही हैं?
नहीं, प्रीपेमेंट में पूरा बकाया चुकता होता है, जबकि सेटलमेंट में कम रकम पर समझौता किया जाता है.
Q2 लोन सेटलमेंट का क्रेडिट स्कोर पर क्या असर पड़ता है?
सेटलमेंट से क्रेडिट स्कोर गिर सकता है और भविष्य में लोन मिलना मुश्किल हो सकता है.
Q3 क्या सेटलमेंट के बाद लोन पूरी तरह खत्म माना जाता है?
हां, कानूनी रूप से मामला बंद होता है, लेकिन क्रेडिट रिपोर्ट में Settled स्टेटस रहता है.
Q4 क्या सेटलमेंट का रिकॉर्ड हटाया जा सकता है?
आम तौर पर नहीं, यह कई सालों तक क्रेडिट रिपोर्ट में दिखाई देता है.
Q5 कब लोन सेटलमेंट सही विकल्प हो सकता है?
जब आप गंभीर आर्थिक संकट में हों और पूरा लोन चुकाना संभव न हो.